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बांदा : भीड़ का धक्का लगा, ट्रेन से गिरकर प्रवासी यात्री की मौत
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बांदा। ट्रेन के गेट पर खड़ा यात्री भीड़ का धक्का लगने से गिर गया। उसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। वह मजदूरी के लिए दिल्ली जा रहा था। पिता ने आरोप लगाया कि जीआरपी ने बेटे का टिकट गायब कर दिया है।
गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी अरविंद (26) पुत्र सुरेश शुक्रवार की शाम संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहा था। बांदा रेलवे स्टेशन से ट्रेन छूटते ही चंद कदम दूर आउटर सिग्नल के पास मोड़ पर गेट का हैंडल छूट जाने पर वह नीचे गिर गया।
ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। पटरी पर गश्त कर रहे प्वाइंट मैन सौरभ कुमार ने शव देखा और जीआरपी को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के हवाले से पिता सुरेश ने बताया कि अमावस्या की वजह से ट्रेन में बहुत भीड़ थी। बोगी यात्रियों से खचाखच थी। जगह न होने पर अरविंद गेट पर ही खड़ा था।
संकट मोचन के सामने मोड़ पर भीड़ का धक्का लगने से वह नीचे गिर गया। पिता ने आरोप लगाया कि जीआरपी ने उसका टिकट गायब कर दिया है। पुलिस कर्मियों का कहना है कि उसके पास से टिकट नहीं मिला।
अरविंद पांच दिन पूर्व अपनी बीमार मां सावित्री को देखने के लिए दिल्ली से गांव आया था। इलाज के लिए उसने रुपये दिए थे। वह दो भाइयों में छोटा था। पिता ने बताया कि अरविंद की शादी पांच साल पूर्व हुई थी। शादी के एक साल बाद ही उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी। तब से वह अकेला था।
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गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी अरविंद (26) पुत्र सुरेश शुक्रवार की शाम संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहा था। बांदा रेलवे स्टेशन से ट्रेन छूटते ही चंद कदम दूर आउटर सिग्नल के पास मोड़ पर गेट का हैंडल छूट जाने पर वह नीचे गिर गया।
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ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। पटरी पर गश्त कर रहे प्वाइंट मैन सौरभ कुमार ने शव देखा और जीआरपी को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के हवाले से पिता सुरेश ने बताया कि अमावस्या की वजह से ट्रेन में बहुत भीड़ थी। बोगी यात्रियों से खचाखच थी। जगह न होने पर अरविंद गेट पर ही खड़ा था।
संकट मोचन के सामने मोड़ पर भीड़ का धक्का लगने से वह नीचे गिर गया। पिता ने आरोप लगाया कि जीआरपी ने उसका टिकट गायब कर दिया है। पुलिस कर्मियों का कहना है कि उसके पास से टिकट नहीं मिला।
अरविंद पांच दिन पूर्व अपनी बीमार मां सावित्री को देखने के लिए दिल्ली से गांव आया था। इलाज के लिए उसने रुपये दिए थे। वह दो भाइयों में छोटा था। पिता ने बताया कि अरविंद की शादी पांच साल पूर्व हुई थी। शादी के एक साल बाद ही उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी। तब से वह अकेला था।