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Banda News: उच्च न्यायालय से भी सचिवों को नहीं मिली राहत
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बांदा। अपात्रों को पीएम आवास की भेजी गई राशि वसूली के विरुद्ध हाईकोर्ट गए सचिवों को वहां से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने जिलाधिकारी को मामले के निस्तारण के आदेश दिए हैं। डीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अपात्रों को आवास आवंटित कर 23.60 लाख की धनराशि जारी करने के मामले में डीपीआरओ को सचिवों के वेतन से कटौती कर वसूली के आदेश दिए थे।
तत्कालीन जिलाधिकारी अनुराग पटेल के आदेश पर तत्कालीन परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास हुबलाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जांच की थी। इसमें ग्राम पंचायतों में 23 लाभार्थी ऐसे पाए गए जिनके पास लोहिया, इंदिरा और सीएम आवास पहले से है। वहीं कई के पास पक्के मकान, ट्रैक्टर और 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि है। कई प्रधान व सचिवों के रिश्तेदार होने का लाभ ले रहे हैं।
सचिवों ने इन्हें आनन फानन आवास बनवाने के लिए किस्तें भी जारी कर दी थी। जिलाधिकारी ने पांच नवंबर को जिला पंचायत राज अधिकारी को आदेश दिए थे कि अनियमित तरीके से आवास दिए जाने पर सचिवों के वेतन से मासिक किस्तें निर्धारित कर धनराशि की कटौती कर यूटीआर के माध्यम से स्टेट नोडल एकाउंट में जमा कराई जाए।
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जिलाधिकारी के सख्त रुख को देखते हुए कुछ सचिवों ने वसूली की राशि जमा कर दी, लेकिन चार सचिवों पूजा सिंह, अनिल सिंह, रमेश, अनुरूद्र एक रुपये भी वसूली की राशि जमा नहीं की। सचिव इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय चले गए थे। बताया जा रहा है कि उन्हें उच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने जिलाधिकारी को मामले के निस्तारण के आदेश दिए हैं।
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तत्कालीन जिलाधिकारी अनुराग पटेल के आदेश पर तत्कालीन परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास हुबलाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जांच की थी। इसमें ग्राम पंचायतों में 23 लाभार्थी ऐसे पाए गए जिनके पास लोहिया, इंदिरा और सीएम आवास पहले से है। वहीं कई के पास पक्के मकान, ट्रैक्टर और 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि है। कई प्रधान व सचिवों के रिश्तेदार होने का लाभ ले रहे हैं।
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सचिवों ने इन्हें आनन फानन आवास बनवाने के लिए किस्तें भी जारी कर दी थी। जिलाधिकारी ने पांच नवंबर को जिला पंचायत राज अधिकारी को आदेश दिए थे कि अनियमित तरीके से आवास दिए जाने पर सचिवों के वेतन से मासिक किस्तें निर्धारित कर धनराशि की कटौती कर यूटीआर के माध्यम से स्टेट नोडल एकाउंट में जमा कराई जाए।
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जिलाधिकारी के सख्त रुख को देखते हुए कुछ सचिवों ने वसूली की राशि जमा कर दी, लेकिन चार सचिवों पूजा सिंह, अनिल सिंह, रमेश, अनुरूद्र एक रुपये भी वसूली की राशि जमा नहीं की। सचिव इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय चले गए थे। बताया जा रहा है कि उन्हें उच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने जिलाधिकारी को मामले के निस्तारण के आदेश दिए हैं।