{"_id":"62fcca33e4bbdb4f676b0dd6","slug":"banda-sdrf-unable-to-find-boat-engulfed-in-yamuna-search-was-done-by-putting-sharp-thorns-in-the-river-banda-news-knp7130920148","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदा : यमुना में समाई नाव नहीं ढूंढ पा रहे एसडीआरएफ, नदी में नुकीले कांटे डालकर हुई आरपार तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा : यमुना में समाई नाव नहीं ढूंढ पा रहे एसडीआरएफ, नदी में नुकीले कांटे डालकर हुई आरपार तलाश
विज्ञापन
बांदा। मरका से फतेहपुर जिले के असोथर गांव जाते समय यमुना नदी में समाई नाव को एसडीआरएफ और गोताखोर नहीं ढूंढ पा रहे हैं। घटना के छह दिन बाद भी दो लोग लापता हैं। टीम रोज 12 घंटे यमुना में खोजबीन कर रही है।
एसडीआरएफ टीम ने तीन बोट के सहारे लगभग सौ लोहे के नुकीले कांटों को यमुना नदी में डालकर करीब 20 किलोमीटर तक नाव की खोज की। न नाव मिली और न ही डूबी बाइकें और साइकिलें।
गौरतलब है कि 11 अगस्त को यमुना में नाव पलट गई थी। लोगों के अनुसार, नाव में 50 लोग सवार थे। वहीं, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नाव में 32 लोग सवार बताए गए। इनमें 17 लोग तैरकर निकल आए थे, लगभग 15 लोग बह गए थे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल रहे। अब तक कुल 13 लोगों के शव मिल चुके हैं। दो लोगों को खोजा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीआरएफ टीम ने तीन बोट के सहारे लगभग सौ लोहे के नुकीले कांटों को यमुना नदी में डालकर करीब 20 किलोमीटर तक नाव की खोज की। न नाव मिली और न ही डूबी बाइकें और साइकिलें।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 11 अगस्त को यमुना में नाव पलट गई थी। लोगों के अनुसार, नाव में 50 लोग सवार थे। वहीं, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नाव में 32 लोग सवार बताए गए। इनमें 17 लोग तैरकर निकल आए थे, लगभग 15 लोग बह गए थे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल रहे। अब तक कुल 13 लोगों के शव मिल चुके हैं। दो लोगों को खोजा जा रहा है।
विज्ञापन