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मकान में छापा मारकर डेढ़ लाख की दवाएं पकड़ीं
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बांदा। बिना लाइसेंस और वैध अभिलेखों के दवा व्यवसायी के कमरे में छापा मारकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने करीब डेढ़ लाख रुपये की दवाएं बरामद कीं। आरोपी और संबंधित दवा एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। दवाओं के नमूने जांच के लिए लखनऊ लैब भेजे जा रहे हैं।
औषधि विभाग के मुताबिक खाईंपार में रिया उर्फ रीनू पुत्री शमशुन निशा के मकान में राठ (हमीरपुर) में धीरेंद्र सिंह पुत्र गुलाब सिंह बिना लाइसेंस दवाइयों का व्यवसाय कर रहा था। बरामद दवाओं के बीजक आदि भी नहीं मिले। कुछ बिल दो साल पुराने दूसरी फर्मों के नाम से कटे मिले। आरोपी धीरेंद्र के व्हाट्सएप में शिव शक्ति मेडिकल एजेंसी (बबेरू रोड, पल्हरी गुरेह) के बिल मिले। जबकि यह एजेंसी बबेरू रोड पर स्थित है। इन बिलों की जांच की जा रही है। नियम के मुताबिक जिस स्थान का लाइसेंस है वहीं से व्यवसाय किया जा सकता है। बताया कि विभिन्न फर्मों द्वारा निर्मित दवाओं के 10 नमूने जांच के लिए लैब को भेजे गए हैं। जब्त की गईं दवाएं सीजेएम न्यायालय में पेश की गईं। वहां से उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया गया है। ड्रग निरीक्षक ने बताया कि नकली दवाएं और अवैध दवा कारोबार पर लगातार निगरानी की जा रही है।
आरोपी के बारे में बताया गया है कि उसने एक अंग्रेजी जेनेरिक दवा कंपनी में एमआर की 10 माह नौकरी की। इसके बाद शहर की मेडिकल एजेंसी में काम किया। अब शिव शक्ति मेडिकल एजेंसी के जरिए कई कंपनियों की दवाओं का काम कर रहा था। उधर, यह भी बताया गया है कि यह मेडिकल एजेंसी भाजपा नेता के परिजनों की बताई गई है।
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औषधि विभाग के मुताबिक खाईंपार में रिया उर्फ रीनू पुत्री शमशुन निशा के मकान में राठ (हमीरपुर) में धीरेंद्र सिंह पुत्र गुलाब सिंह बिना लाइसेंस दवाइयों का व्यवसाय कर रहा था। बरामद दवाओं के बीजक आदि भी नहीं मिले। कुछ बिल दो साल पुराने दूसरी फर्मों के नाम से कटे मिले। आरोपी धीरेंद्र के व्हाट्सएप में शिव शक्ति मेडिकल एजेंसी (बबेरू रोड, पल्हरी गुरेह) के बिल मिले। जबकि यह एजेंसी बबेरू रोड पर स्थित है। इन बिलों की जांच की जा रही है। नियम के मुताबिक जिस स्थान का लाइसेंस है वहीं से व्यवसाय किया जा सकता है। बताया कि विभिन्न फर्मों द्वारा निर्मित दवाओं के 10 नमूने जांच के लिए लैब को भेजे गए हैं। जब्त की गईं दवाएं सीजेएम न्यायालय में पेश की गईं। वहां से उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया गया है। ड्रग निरीक्षक ने बताया कि नकली दवाएं और अवैध दवा कारोबार पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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आरोपी के बारे में बताया गया है कि उसने एक अंग्रेजी जेनेरिक दवा कंपनी में एमआर की 10 माह नौकरी की। इसके बाद शहर की मेडिकल एजेंसी में काम किया। अब शिव शक्ति मेडिकल एजेंसी के जरिए कई कंपनियों की दवाओं का काम कर रहा था। उधर, यह भी बताया गया है कि यह मेडिकल एजेंसी भाजपा नेता के परिजनों की बताई गई है।
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