फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   banda news

नौकरी का नया फार्मूला सरकार पर भी लागू हो

Tue, 15 Sep 2020 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 11:21 PM IST
विज्ञापन
banda news
बांदा। समूह ख और ग के पदों पर स्थायी नियुक्ति से पहले पांच वर्ष तक संविदा पर रखे जाने के सरकारी फैसले को लेकर शिक्षित बेरोजगार युवाओं में भारी रोष है। लगभग सभी बेरोजगार युवा इससे असहमत हैं। कुछ युवाओं ने तो यह भी कहा है कि पहले सरकार अपने लिए नियम बनाए। यह प्राविधान हो कि सरकार बनने के छह माह बाद वोटिंग के जरिये सरकार को स्थायी रहने के लिए राय ली जाए।
विज्ञापन

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे शशांक शेखर मिश्रा (बलखंडीनाका) का कहना है कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और बेरोजगार शिक्षित युवाओं का शोषण होगा। स्थाई देरी से किए जाएंगे तो रिटायरमेंट जल्दी होगा। इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
विज्ञापन

शिक्षित बेरोजगार युवक योगेश त्रिपाठी (सर्वोदय नगर) ने कहा कि सरकार पहले न्यायालयों में लंबित पड़ीं नौकरियों का निर्णय कराए। उनकी भर्ती प्रक्रिया पूरी कराए। नियुक्तियां न होने से शिक्षित युवाओं का भविष्य अंधकार में है। संविदा से नौकरी की शुरूआत योग्यता के साथ अन्याय है। नौकरी की तलाश में लगातार हाथ पांव मार रहे पंकज निगम (कटरा) ने कहा कि वह घर में प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का क्लब चलाते हैं। अगर नियुक्तियों का यही हाल रहा तो युवक शिक्षा के बजाए दूसरी तरफ ध्यान लगाएंगे। प्रतियोगी युवाओं के जीवन में भटकाव आएगा। संविदा के बाद स्थायीकरण अनुचित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समूह ख की तैयारी कर रहीं गिरवां गांव की पूनम गुप्ता ने बताया कि संविदा का अड़ंगा शिक्षित युवाओं में अनिश्चितता का माहौल पैदा करेगी। संविदा में नियुक्ति होने के बावजूद अभ्यर्थी पांच साल तक अवसाद का शिकार रहेगा। इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। शिक्षा विभाग में भर्ती के लिए तैयारी कर रहीं वर्षा बाजपेयी (स्वराज कालोनी) का कहना है कि क्या गारंटी है कि पांच साल बाद वह स्थायी नियुक्ति हो जाएगी। ऐसी नियमावली सरकार को लागू करने से पहले अभ्यर्थियों की भी राय जाननी चाहिए।

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहीं प्रियांशी श्रीवास्तव (मढ़ियानाका) की राय में बेरोजगारोें के लिए नियमावली लाने से पहले सरकार खुद के लिए नियम बनाए। जिसमें तय किया जाए कि छह महीने में सरकार के काम को लेकर आम लोगों से मतदान कराया जाए। इसमें सरकार को बहुमत मिले तो आगे भी रहे वरना सीट छोड़ दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed