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बांदा मेडिकल कॉलेज में ‘आउटडोर’ को प्रदेश सरकार के बजट में हरी झंडी

Tue, 24 Feb 2015 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Tue, 24 Feb 2015 11:39 PM IST
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Banda Medical College 'outdoor' green signal in the state budget

बनकर तैयार हो चुके बांदा के मेडिकल कालेज चालू होने की प्रदेश सरकार ने अपने बजट में हरी झंडी दे दी है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में ‘आउटडोर’ सेवाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा मंगलवार को विधान सभा में पेश किए गए बजट में यह शामिल है। आउटडोर सेवाएं शुरू होने से चित्रकूटधाम मंडल में स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत सुधरेगी।
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आउटडोर का मानक
20 फीट लंबा और 12 फीट चौड़ा फ्लोर साइज भवन। 15 फीट ऊंचाई होनी चाहिए। कम से कम 6 फ्लक्स रोशनी से कमरा रोशन हो। डॉक्टर के लिए एक कुर्सी, एक टेबिल और एक कुर्सी या स्टूल मरीज के लिए हो। दो अतिरिक्त कुर्सी होनी चाहिए।
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मरीज को देखने के लिए  एक भाग में पार्टीशन और उसमें स्टेचर हो। डॉक्टर के हाथ धोने को वाशबेसिन और सीधे पानी आपूर्ति की व्यवस्था। कमरे में वेंटीलेशन के लिए कम से कम 20 प्रतिशत खिड़की और दरवाजे हों।

चार करोड़ रुपये से हो रहा जिला अस्पताल का विस्तार
मंडल के मरीजों को जल्द ही 300 बेड वाले नए अस्पताल की सौगात मिलने वाली है। इसका निर्माण तेजी से चल रहा है। जिला अस्पताल परिसर में एनआरएचएम योजना से इस अस्पताल की स्थापना हो रही है। इसकी लागत चार करोड़ रुपये बताई गई है।

स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता जेपी त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल के इस विस्तार में प्राइवेट वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी चिकित्सा कक्ष और मरीजों के कई वार्ड शामिल हैं। आपरेशन थ्रेयटर भी है, लेकिन इसे चालू करने में अभी सीबीआई ने रोक लगा रखी है। गौरतलब है कि एनआरएचएम में घोटाले की पूरे प्रदेश में सीबीआई जांच कर रही है।

मरीजों और डॉक्टर दोनों को होगी सुविधा
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.एस देव का कहना है कि आउटडोर व्यवस्था होने से न सिर्फ मरीजों बल्कि डॉक्टरों को भी सुविधा होगी। आउटडोर में इमरजेंसी मेडिसिन किट भी जरूरी है क्योंकि कुछ मरीजों को फौरी तौर पर दवा की जरूरत होती है। जब तक तीमारदार दवाओं का पर्चा लेकर दवा लेने जाए उस बीच मरीज को प्राथमिक उपचार दिया जा सके।

डॉ.देव का कहना है कि जिला अस्पताल के ओपीडी कक्षों में डॉक्टरों सहित अन्य संसाधनों की कमी है। ओपीडी अस्पताल के समय ही चालू रहती है। मेडिकल कालेज में आउटडोर व्यवस्था से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।


जिला अस्पताल का बोझ घटेगा
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएमएस) डॉ.शेखर का कहना है कि नवनिर्मित मेडिकल कालेज में आउटडोर सुविधाएं शुरू होने से जिला अस्पताल का भार कुछ कम होगा। मरीजों को वहां भी काफी सुविधाएं मिलेगी। अभी उनके पास मंडल मुख्यालय में सिर्फ जिला अस्पताल ही विकल्प है।

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