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विधान परिषद में उठा बांदा मेडिकल कालेज का मुद्दा

Thu, 01 Sep 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Thu, 01 Sep 2016 11:44 PM IST
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Banda Legislative Council raised the issue of medical college
बसपा - फोटो : amar ujala

बांदा। यहां के मेडिकल कालेज की अव्यवस्थाओं का मुद्दा बृहस्पतिवार को विधान परिषद में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष समेत बसपा सदस्यों ने नियम-105 के तहत लिखित सूचना देते हुए कहा कि सपा सरकार में पूरे प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था ध्वस्त है। प्रदेश में जितने भी मेडिकल कालेज हैं उन सब में सबसे खराब हालत बांदा मेडिकल कालेज की है। बसपा सदस्यों ने मांग की सदन की कार्रवाई रोककर इस पर चर्चा कराई जाए। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित बसपा विधान परिषद सदस्य सुरेश कुमार कश्यप, दिनेशचंद्र, डॉ. विजय प्रताप, बृजेश कुमार सिंह प्रिंशु और सुनील कुमार चित्तौड़ ने सामूहिक हस्ताक्षरों से विधान परिषद के प्रमुख सचिव को दी नोटिस में कहा कि बांदा मेडिकल कालेज स्थापित हुए काफी दिन बीत गए लेकिन अभी तक सुचारु रूप से इसका संचालन नहीं हो पाया है। न तो विशेषज्ञ डाक्टर हैं, न मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) के मानकों के अनुसार डाक्टरों की तैनाती की गई है। बसपा सदस्यों ने कहा कि अब तक मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई (एमबीबीएस कक्षाएं) नहीं शुरू हुई है। मुख्यमंत्री ने खुद मेडिकल कालेज का उद्घाटन किया था लेकिन क्षेत्रीय जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। पूरे चित्रकूटधाम मंडल के लोग बेहतर चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं। उनमें भारी रोष पनप रहा है। जनता आंदोलित है। कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। परिषद में सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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