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दहेज हत्या में पति को सात साल की कैद
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बांदा। दहेज हत्या के आरोप में दोष सिद्ध हो जाने पर पति को सेशन न्यायाधीश ने सात साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी चार वर्षों से जेल में है।
कालिंजर थाना क्षेत्र के सौता गांव में 6 जुलाई 2018 की रात्रि ससुराल में मीना (21) पत्नी सुनील की सदिग्ध परिस्थितियों में फंदा से मौत हो गई थी। अतर्रा के तेरा-ब सुमता पुरवा, हाल मुकाम सौता कालिंजर निवासी मृतका की मां सुमन पत्नी राममूरत ने 7 अगस्त 2018 को कालिंजर थाने में धारा 498 ए, 304 बी, 3/4 डीपीएक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के पश्चात पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष से आठ गवाह पेश किए गए। मामले की सुनवाई कर रहे सेशन न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति को दोषी पाते हुए धारा 304 में सात वर्ष सश्रम कारावास, 498 ए में दो वर्ष सश्रम कारावास, पांच हजार रुपये जुर्माना, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई। धारा 4 दहेज अधिनियम में दो वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई।
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जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने पैरवी की।
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कालिंजर थाना क्षेत्र के सौता गांव में 6 जुलाई 2018 की रात्रि ससुराल में मीना (21) पत्नी सुनील की सदिग्ध परिस्थितियों में फंदा से मौत हो गई थी। अतर्रा के तेरा-ब सुमता पुरवा, हाल मुकाम सौता कालिंजर निवासी मृतका की मां सुमन पत्नी राममूरत ने 7 अगस्त 2018 को कालिंजर थाने में धारा 498 ए, 304 बी, 3/4 डीपीएक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के पश्चात पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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अभियोजन पक्ष से आठ गवाह पेश किए गए। मामले की सुनवाई कर रहे सेशन न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति को दोषी पाते हुए धारा 304 में सात वर्ष सश्रम कारावास, 498 ए में दो वर्ष सश्रम कारावास, पांच हजार रुपये जुर्माना, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई। धारा 4 दहेज अधिनियम में दो वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई।
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जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने पैरवी की।