{"_id":"635d737affd68f3fab15d3e0","slug":"banda-five-cattle-died-in-two-days-in-gaushala-banda-news-knp7255672117","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौशाला में दो दिन में पांच मवेशियों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौशाला में दो दिन में पांच मवेशियों की मौत
विज्ञापन
फोटो- 29 बीएनडीपी-06
- फोटो : BANDA
अतर्रा। नगर पालिका से संचालित कान्हा गोशाला में दो दिन में पांच मवेशियों की मौत हो गई। पालिका कर्मियों ने शवों का ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर कुछ दूर स्थित खुले मैदान में फेंक दिया। शवों को कुत्ते नोच रहे हैं।
कस्बे के बदौसा रोड पर नगर से बाहर स्थित कान्हा गोशाला में शुक्रवार को दो और शनिवार को तीन मवेशियों की मौत हो गई। बताया जाता है कि गोशाला में भूसा व चारा नहीं है। भूख से मौत की आशंका जताई जा रही है। गोशाला में व्यवस्थाएं सही नहीं होने के पीछे यहां के कर्मचारियों की लापरवाही बताई जा रही है।
बताया जाता है कि चरही का पानी नहीं बदला जाता है। गंदा पीने से मवेशियों के बीमार होने की भी आशंका है। समाजसेवी साकेत बिहारी मिश्रा, राकेश गौतम मेजर, सूरज बाजपेई, कैलाशनाथ बाजपेई, जगदीश गुप्ता, आनंद राजा गुप्ता ने बताया कान्हा गोशाला में भूख से तड़पकर गोवंशों की मौत हो रही है। इन लोगों ने जांच कराकर लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
अधिशासी अधिकारी रामसिंह ने बताया कि बूढ़े गोवंश की मौत स्वाभाविक है। गोशाला में दो दिन के अंदर किसी भी मवेशी की मौत की जानकारी मुझे नहीं है। फिर भी पता करूंगा, यदि बात सही है तो मवेशियों की मौत होने के कारणों की जांच करूंगा। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
मवेशियों की मौत की वजह क्या है, इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित पालिका अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भूसा के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाएगी। -विकास यादव, नगर पालिका प्रशासक/एसडीएम।
विज्ञापन
कस्बे के बदौसा रोड पर नगर से बाहर स्थित कान्हा गोशाला में शुक्रवार को दो और शनिवार को तीन मवेशियों की मौत हो गई। बताया जाता है कि गोशाला में भूसा व चारा नहीं है। भूख से मौत की आशंका जताई जा रही है। गोशाला में व्यवस्थाएं सही नहीं होने के पीछे यहां के कर्मचारियों की लापरवाही बताई जा रही है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि चरही का पानी नहीं बदला जाता है। गंदा पीने से मवेशियों के बीमार होने की भी आशंका है। समाजसेवी साकेत बिहारी मिश्रा, राकेश गौतम मेजर, सूरज बाजपेई, कैलाशनाथ बाजपेई, जगदीश गुप्ता, आनंद राजा गुप्ता ने बताया कान्हा गोशाला में भूख से तड़पकर गोवंशों की मौत हो रही है। इन लोगों ने जांच कराकर लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
अधिशासी अधिकारी रामसिंह ने बताया कि बूढ़े गोवंश की मौत स्वाभाविक है। गोशाला में दो दिन के अंदर किसी भी मवेशी की मौत की जानकारी मुझे नहीं है। फिर भी पता करूंगा, यदि बात सही है तो मवेशियों की मौत होने के कारणों की जांच करूंगा। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
मवेशियों की मौत की वजह क्या है, इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित पालिका अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भूसा के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाएगी। -विकास यादव, नगर पालिका प्रशासक/एसडीएम।