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बांदा : परिवार में एक साल में हो गईं आठ मौत, अब दिल्ली के हादसे ने रुलाया
Thu, 01 Jul 2021 01:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, ओरन (बांदा)
अमर उजाला नेटवर्क, ओरन (बांदा)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 01 Jul 2021 01:42 AM IST
सार
- दिल्ली के शहादरा में मां-बेटी और दो बेटों की मौत से परिवार में शोक
- पिछले वर्ष हादसे में पति समेत चार की हो गई थी मौत
- परिजन बोले- दिल्ली के हादसे ने फिर ताजाकर दिए जख्म
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शाहदरा (दिल्ली) में गैस सिलिंडर फटने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से यहां गांव में शोक छा गया। पिछले वर्ष सड़क हादसे में भी इसी परिवार के चार लोगों की जान चली गई थी। यह सदमा परिजन अभी भूले भी नहीं थे कि दिल्ली की घटना ने उनके जख्म फिर ताजा कर दिए।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के मझीवां सानी गांव निवासी रवि की पत्नी मुन्नी देवी अपने बेटों नरेश, ओमप्रकाश व लालचंद्र और बेटी सुमन के साथ सहेद्रा (दिल्ली) में पांडव रोड, विश्वास नगर में किराए का कमरा लेकर रहती थी। मंगलवार की रात रिफिलिंग के दौरान गैस सिलिंडर फटने से मुन्नी देवी सहित नरेश, ओमप्रकाश व सुमन की मौत हो गई।
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तीसरे पुत्र लालचंद्र को लोगों ने बचा लिया। हालांकि गंभीर चोटें होने पर उसे सफदरगंज अस्पताल में भर्ती किया गया है। सूचना मिलते ही यहां गांव में रह रहे परिजन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
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मृतका मुन्नी देवी के भतीजे जानकीशरण ने बताया कि पिछले वर्ष 25 अगस्त 2020 को मटौंध तिराहे में हादसे में मुन्नी देवी के पति रवि समेत लक्ष्मी, नारायण व शिवनायक की मौत हो गई। यह दुख परिवार के लोग अभी भूले भी नहीं थे कि फिर चार की मौत से परिवार में शोक की लहर छा गई।
रवि अपनी मां बुधिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मझीवांसानी गांव आ रहा था। रवि के परिवार में अब मात्र एक बेटा लालचंद्र ही बचा है। यहां 8 बीघा जमीन है जो भाइयों के देखरेख में है। एक साल में एक ही परिवार/खानदान में आठ लोगों की मौत से गांव के लोग भी शोकग्रस्त हैं।