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Banda: अकीदतमंदों का हुजूम, दफन किए गए ताजिये, गंगा-जमुनी तहजीब की बही बयार
Wed, 10 Aug 2022 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 12:48 AM IST
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मातम जुलूस निकालते शिया समुदाय के लोग
- फोटो : BANDA
बांदा जिले में शहीदाने कर्बला की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की 10वीं को कर्बला अकीदतमंदों से भरा रहा। दोपहर बाद विभिन्न इमामबाड़ों से ताजिया उठाए गए। अकीदतमंद ढाल सवारियां और अलम लेकर परंपरागत मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। यहां गड्ढों में ताजिया दफन कराए गए।
इस दौरान बांदा की गंगा-जमुनी तहजीब भी दिखाई दी। मुस्लिम भाइयों के साथ-साथ हिंदू भाइयों ने भी ढाल सवारी उठाई। इसके पूर्व 9वीं की रात शहर के 52 इमामबाड़ों में अलाव खेला गया। अकीदतमंदों ने मातमी धुनों के बीच दहकते अंगारों को फूलों की मानिंद उछाला। सबसे ज्यादा भीड़ रामा के इमामबाड़े में रही। उधर, दोपहर के समय पूर्वी कोठी शिया इमामबाड़े से सीनाजनी मातम करते हुए जुलूस निकाला गया। शिया समुदाय के लोग नौहा पढ़ते हुए कर्बला पहुंचे। वहां ताजिया दफन किए गए।
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इस दौरान बांदा की गंगा-जमुनी तहजीब भी दिखाई दी। मुस्लिम भाइयों के साथ-साथ हिंदू भाइयों ने भी ढाल सवारी उठाई। इसके पूर्व 9वीं की रात शहर के 52 इमामबाड़ों में अलाव खेला गया। अकीदतमंदों ने मातमी धुनों के बीच दहकते अंगारों को फूलों की मानिंद उछाला। सबसे ज्यादा भीड़ रामा के इमामबाड़े में रही। उधर, दोपहर के समय पूर्वी कोठी शिया इमामबाड़े से सीनाजनी मातम करते हुए जुलूस निकाला गया। शिया समुदाय के लोग नौहा पढ़ते हुए कर्बला पहुंचे। वहां ताजिया दफन किए गए।
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