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जुलूस और जोश से मनाया 1451वां यौमे तिलादत
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फोटो-09 बीएनडीपी 12
- फोटो : BANDA
बांदा। पैगंबर हजरत मोहम्मद का 1451 वां यौमे विलादत (जन्मदिन) परंपरा और जोश के साथ मनाया गया। मुख्य आयोजन जुलूसे मोहम्मदी रहा। इसमें झंडे-झांकियों के साथ भारी हुजूम शरीक रहा।
हजरत मोहम्मद की विलादत (जन्म) 571 ई. में इस्लामी कैलेंडर के रबि अव्वल माह की 12वीं तारीख को तड़के हुई थी। रविवार को दोपहर बाद कालवन गंज स्थित शेख सरवर साहब की मस्जिद के सामने से जुलूसे मोहम्मदी शुरू हुआ। आयोजन कमेटी अध्यक्ष मेराज मसूदी अकील मियां सहित पदाधिकारी इमरान अली राजू, अज्जन खां, मोहम्मद अय्यूब, डॉ. मोहम्मद शुएब, वहीद नेता, वाजिद अली, भाजपा नेता आरिफ खां, मोहम्मद सुभान, बाबू भाई, शफीक बाबू आदि ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस निकाला गया।
भारी-भरकम ऊंचे और लंबे चौड़े हरे परचम तथा गुंबदे खिजरा, काबा तथा नकली तोप आदि की झांकियां शामिल थीं। विभिन्न रंगों की पगड़ी और पोशाक में बच्चे और युवा बैंड बाजे की धुन पर कदम ताल करते हुए चलते रहे। मर्दन नाका, मनोहरी गंज, छावनी, गूलर नाका, अमर टाकीज, जामा मस्जिद, अलीगंज होता हुआ देर रात जुलूस ईदगाह चौराहे पर सामूहिक सलाम पेश करने के साथ खत्म हो गया।
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पूरे रास्ते पुलिस का गश्त और पहरा रहा। प्रशासनिक अफसर भी मौजूद रहे। मर्दन नाका में जगह-जगह सजे पंडालों में जुलूस का इस्तकबाल हुआ। पुरस्कार दिए गए। सजावट व जुलूस देखने को आधी रात तक लोग घूमते रहे। उधर, कई जगह जलसे हुए। मीठे पकवानों में फातेहा और लंगर किए गए।
धरी रह गई रोक, गूंजते रहे डीजे-पटाखे
बांदा। जुलूसे मोहम्मदी और जश्न ईद मीलाद में डीजे बजाने और पटाखों पर मरकजी कमेटी द्वारा लगाई गई रोक धरी रह गई। मोहल्लों की कमेटियों और कार्यकर्ताओं ने कमेटी की अपील को ठेंगा दिखा दिया।
जगह-जगह चौराहों और मोहल्लों में कानफोड़ू आवाज में शनिवार की शाम से ही डीजे बजते रहे। रविवार को तड़के से ही पटाखों के धमाके गूंजना शुरू हो गए। जुलूस के समय भी खूब आतिशबाजी और धमाकों की धूम रही। गौरतलब है कि मरकजी कमेटी अध्यक्ष ने दो दिन पहले अखबारों के जरिए कहा था कि जुलूस में डीजे और पटाखों पर रोक रहेगी। नारे भी नहीं गूंजेंगे।
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हजरत मोहम्मद की विलादत (जन्म) 571 ई. में इस्लामी कैलेंडर के रबि अव्वल माह की 12वीं तारीख को तड़के हुई थी। रविवार को दोपहर बाद कालवन गंज स्थित शेख सरवर साहब की मस्जिद के सामने से जुलूसे मोहम्मदी शुरू हुआ। आयोजन कमेटी अध्यक्ष मेराज मसूदी अकील मियां सहित पदाधिकारी इमरान अली राजू, अज्जन खां, मोहम्मद अय्यूब, डॉ. मोहम्मद शुएब, वहीद नेता, वाजिद अली, भाजपा नेता आरिफ खां, मोहम्मद सुभान, बाबू भाई, शफीक बाबू आदि ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस निकाला गया।
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भारी-भरकम ऊंचे और लंबे चौड़े हरे परचम तथा गुंबदे खिजरा, काबा तथा नकली तोप आदि की झांकियां शामिल थीं। विभिन्न रंगों की पगड़ी और पोशाक में बच्चे और युवा बैंड बाजे की धुन पर कदम ताल करते हुए चलते रहे। मर्दन नाका, मनोहरी गंज, छावनी, गूलर नाका, अमर टाकीज, जामा मस्जिद, अलीगंज होता हुआ देर रात जुलूस ईदगाह चौराहे पर सामूहिक सलाम पेश करने के साथ खत्म हो गया।
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पूरे रास्ते पुलिस का गश्त और पहरा रहा। प्रशासनिक अफसर भी मौजूद रहे। मर्दन नाका में जगह-जगह सजे पंडालों में जुलूस का इस्तकबाल हुआ। पुरस्कार दिए गए। सजावट व जुलूस देखने को आधी रात तक लोग घूमते रहे। उधर, कई जगह जलसे हुए। मीठे पकवानों में फातेहा और लंगर किए गए।
धरी रह गई रोक, गूंजते रहे डीजे-पटाखे
बांदा। जुलूसे मोहम्मदी और जश्न ईद मीलाद में डीजे बजाने और पटाखों पर मरकजी कमेटी द्वारा लगाई गई रोक धरी रह गई। मोहल्लों की कमेटियों और कार्यकर्ताओं ने कमेटी की अपील को ठेंगा दिखा दिया।
जगह-जगह चौराहों और मोहल्लों में कानफोड़ू आवाज में शनिवार की शाम से ही डीजे बजते रहे। रविवार को तड़के से ही पटाखों के धमाके गूंजना शुरू हो गए। जुलूस के समय भी खूब आतिशबाजी और धमाकों की धूम रही। गौरतलब है कि मरकजी कमेटी अध्यक्ष ने दो दिन पहले अखबारों के जरिए कहा था कि जुलूस में डीजे और पटाखों पर रोक रहेगी। नारे भी नहीं गूंजेंगे।