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नमी में छूट 17 फीसदी, पांच % से अधिक पर नहीं ले रहे धान
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धान की डस्टर मशीन से सफाई करते मजदूर।
- फोटो : BANDA
बांदा। सरकार ने धान की नमी में 17 फीसदी तक की छूट दे रखी है, लेकिन केंद्र प्रभारी पांच फीसदी से नमी होने पर धान की तौल करने से इन्कार कर रहे हैं। किसानों के मान मनौव्वल करने पर दो किलो अतिरिक्त धान की मांग की जाती है।
सरकारी धान खरीद में सरकार ने नमी होने पर 17 फीसदी की छूट दे रही है, लेकिन केंद्र प्रभारी पांच फीसदी से अधिक नमी होने पर किसानों का धान नहीं खरीदते हैं। इसके लिए दो किलो प्रति क्विंटल धान की मांग की जाती है, कहा जाता है कि इतना धान सूख जाएगा।
इससे किसान परेशान हैं, जबकि पहली बार उपयोग में लाई जा रही पावर डस्टर मशीन इतनी छोटी है कि एक बार में बमुश्किल एक बोरा धान की ही सफाई हो पाती है। इसकी गति भी इतनी धीमी है कि एक बोरा धान (50) किलो साफ करने में 15 मिनट लगता है। इससे दिनभर में एक या दो ट्रॉली धान की खरीद ही हो पाती है।
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नहीं हुए टेंडर, क्रय केंद्र फुल
नरैनी मंडी समिति में तीन धान क्रय केंद्र खुले हैं। भारतीय खाद्य निगम के केंद्र प्रभारी अमित का कहना है कि गोदाम की क्षमता पांच हजार क्विंटल है। अब तक तीन हजार क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। एक दो दिन में गोदाम फुल हो जाएगा। गेहूं उठान का अभी तक विभाग ने टेंडर तक नहीं किया। धान उठान न होने से मजबूरी में धान की खरीद बंद करनी पड़ेगी।
न पानी और न बैठने की व्यवस्था
नरैनी। विपणन शाखा के क्रय केंद्र में अभी तक महज 16 क्विंटल व क्रय विक्रय केंद्र में 43 क्विंटल धान खरीदा गया है। केंद्र प्रभारी मुजस्सर बिन जाहिद का कहना है कि बिकने के लिए जो धान आ रहा है उसमें नमी की मात्रा ज्यादा है। किसान राममिलन का कहना है कि पावर डस्टर मशीन के कारण आनावश्यक देरी हो रही है। पूरा दिन धान की सफाई में लग जाता है।
नमी में नहीं दी जा रही छूट
तिंदवारी। क्रय केंद्रों में किसानों के बैठने व पानी पीने की व्यवस्थाएं नहीं है। तेरही माफी के किसान ब्रजेश बाजपेयी का कहना है केंद्र में बैठने, पीने के पानी, रोशनी आदि व्यवस्था नहीं है। नमी में सरकारी मानक के अनुसार 17 फीसदी की छूट नहीं दी जा रही है। 15 फीसदी नमी होने पर धान की तौल नहीं की गई।
प्रभारियों को क्रय केंद्रों में किसानों के बैठने के लिए कुर्सी, पानी आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए गए है। पावर डस्टर मशीन शासन के निर्देशों के क्रम में लगवाई गई है। इससे धान की बेहतर तरीके से सफाई हो जाती है। मशीन इलेक्ट्रानिक है।-सीपी पांडेय, जिला विपणन अधिकारी
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सरकारी धान खरीद में सरकार ने नमी होने पर 17 फीसदी की छूट दे रही है, लेकिन केंद्र प्रभारी पांच फीसदी से अधिक नमी होने पर किसानों का धान नहीं खरीदते हैं। इसके लिए दो किलो प्रति क्विंटल धान की मांग की जाती है, कहा जाता है कि इतना धान सूख जाएगा।
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इससे किसान परेशान हैं, जबकि पहली बार उपयोग में लाई जा रही पावर डस्टर मशीन इतनी छोटी है कि एक बार में बमुश्किल एक बोरा धान की ही सफाई हो पाती है। इसकी गति भी इतनी धीमी है कि एक बोरा धान (50) किलो साफ करने में 15 मिनट लगता है। इससे दिनभर में एक या दो ट्रॉली धान की खरीद ही हो पाती है।
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नहीं हुए टेंडर, क्रय केंद्र फुल
नरैनी मंडी समिति में तीन धान क्रय केंद्र खुले हैं। भारतीय खाद्य निगम के केंद्र प्रभारी अमित का कहना है कि गोदाम की क्षमता पांच हजार क्विंटल है। अब तक तीन हजार क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। एक दो दिन में गोदाम फुल हो जाएगा। गेहूं उठान का अभी तक विभाग ने टेंडर तक नहीं किया। धान उठान न होने से मजबूरी में धान की खरीद बंद करनी पड़ेगी।
न पानी और न बैठने की व्यवस्था
नरैनी। विपणन शाखा के क्रय केंद्र में अभी तक महज 16 क्विंटल व क्रय विक्रय केंद्र में 43 क्विंटल धान खरीदा गया है। केंद्र प्रभारी मुजस्सर बिन जाहिद का कहना है कि बिकने के लिए जो धान आ रहा है उसमें नमी की मात्रा ज्यादा है। किसान राममिलन का कहना है कि पावर डस्टर मशीन के कारण आनावश्यक देरी हो रही है। पूरा दिन धान की सफाई में लग जाता है।
नमी में नहीं दी जा रही छूट
तिंदवारी। क्रय केंद्रों में किसानों के बैठने व पानी पीने की व्यवस्थाएं नहीं है। तेरही माफी के किसान ब्रजेश बाजपेयी का कहना है केंद्र में बैठने, पीने के पानी, रोशनी आदि व्यवस्था नहीं है। नमी में सरकारी मानक के अनुसार 17 फीसदी की छूट नहीं दी जा रही है। 15 फीसदी नमी होने पर धान की तौल नहीं की गई।
प्रभारियों को क्रय केंद्रों में किसानों के बैठने के लिए कुर्सी, पानी आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए गए है। पावर डस्टर मशीन शासन के निर्देशों के क्रम में लगवाई गई है। इससे धान की बेहतर तरीके से सफाई हो जाती है। मशीन इलेक्ट्रानिक है।-सीपी पांडेय, जिला विपणन अधिकारी

तिंदवारी विपणन केंद्र में धान की तौल करते पल्लेदार।- फोटो : BANDA