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Banda News: देश का अन्न खाकर पाकिस्तान की बात करने वाले भूतों को भगाते हैं बागेश्वर सरकार

Wed, 21 Jan 2026 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 21 Jan 2026 12:16 AM IST
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Bageshwar government drives away the ghosts who eat the country's food and talk about Pakistan.
फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद
बांदा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बांदा में आयोजित पांच दिवसीय हनुमत कथा के अंतिम दिन अपने विशिष्ट अंदाज में हनुमान जी और भगवान श्रीराम की महिमा का बखान किया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। जिनमें असली भूत की परिभाषा से लेकर भक्ति की शक्ति और सामाजिक सरोकार तक शामिल थे।
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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो लोग भारत का अन्न खाकर पाकिस्तान की बात करते हैं, वही असली भूत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे भूतों को भगाने के लिए ही बाबा बागेश्वर हैं। शास्त्री ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान श्रीराम स्वयं मंगल भवन हैं और हनुमान जी मंगलमूर्ति के रूप में जाने जाते हैं, इसलिए श्रीराम की शरण के बिना जीवन में मंगल की कामना व्यर्थ है। कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी की भक्ति में निहित शक्ति का वर्णन किया, जो भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त करने में सहायक होती है।
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उन्होंने अहिरावण की कथा सुनाकर हनुमान जी की महिमा का बखान किया और श्रद्धालुओं को हनुमानजी के पंचमुखी स्वरूप के दर्शन कराए। व्यास पीठ से उन्होंने भूत-पिशाच के अस्तित्व पर भी चर्चा की, जिसे उन्होंने वैज्ञानिक भाषा में पॉजिटिव या निगेटिव ऊर्जा की संज्ञा दी। उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई भूत-पिशाच निकट नहीं आवै-महावीर जब नाम सुनावै की व्याख्या करते हुए बताया कि मन को भगवान के प्रति समर्पित करने से भूत-प्रेत का प्रभाव कम हो जाता है।
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माता-पिता, गुरु और भगवान के नाम की महिमा
पंडित शास्त्री ने माता-पिता और गुरु की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिसने माता-पिता की डांट और गुरु की लात नहीं खाई, उसका जीवन सफल नहीं हो सकता। उन्होंने भगवान के नाम की महिमा का बखान करते हुए सनातन धर्म के 33 कोटि देवी-देवताओं को छोड़कर अन्यत्र जाने वालों पर भी व्यंग्य किया। बागेश्वर धाम सरकार ने बांदा में 15 फरवरी को गढ़ा छतरपुर में आयोजित होने वाले कन्या विवाह महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि बागेश्वर बालाजी की कृपा से प्राप्त चढ़ावे की धनराशि से वे गरीबों की बेटियों का घर बसाने का काम करते हैं, न कि अपना मकान या मंदिर बनाते। उन्होंने यह भी बताया कि तीन सौ से अधिक कन्याओं के विवाह में करीब सौ आदिवासी परिवार की बेटियां भी शामिल होंगी।

बांदा को छोटी काशी और केन को छोटी गंगा की संज्ञा दी
कथा के अंतिम दिन मंगलवार को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बांदा को छोटी काशी और केन नदी को छोटी गंगा की संज्ञा दी। उन्होंने बांदा के लोगों की भक्ति की सराहना की और कहा कि उन्हें बांदा में आकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने यह भी कहा कि करीब आठ लाख से ज्यादा लोगों ने एक दिन में कथा का रसपान किया। उन्होंने बांदा के लोगों के सीधे-सादे स्वभाव और बड़े दिल की प्रशंसा की और जल्दी ही दोबारा बांदा आने का वादा किया। इस दौरान अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास महाराज और पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद

फोटो - 13 कथा विराम के बाद श्रद्धालुओं से विदाई लेते बागेश्वर सरकार। संवाद

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