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बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन ने कसी कमर
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बांदा। कोरोना संक्रमण से लड़ रहे प्रशासन ने अब आने वाले खतरे बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। डीएम आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी की शुक्रवार को समीक्षा की गई। जिले की प्रमुख नदियों यमुना, केन और बागै के वास्तविक स्वरूप और आने वाले खतरे को लेकर सभी एसडीएम से तहसील, ब्लॉक व न्याय पंचायत स्तरों पर बाढ़ समितियों का गठन के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि नावों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। नाविकों के नाम, पते और मोबाइल नंबरों की सूची बना ली जाए। तहसीलदार बाढ़ चौकियों का सत्यापन करा लें। इस काम में लेखपालों को लगाया जाए। इसकी जानकारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष एवं प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा को दिया जाए। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड से बारिश से पहले बांधों के फाटकों को ठीक कराने के निर्देश दिए। नदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली कटानों की रोकथाम की व्यवस्था कर ली जाए। अधिशासी अभियंता विद्युत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत लाइन ठीक कराने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता जल निगम व जल संस्थान से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों के पानी की जांच आदि के निर्देश दिए। बाढ़ चौकियों पर सफाई व प्रकाश की व्यवस्था के लिए स्थानीय निकायों को जिम्मेदारी दी है। बीडीओ ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था कराएं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पक्की नालियों का निर्माण कराएं। बैठक में एडीएम संतोष बहादुर सिंह, एसडीएम सदर सुधीर कुमार, सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, एसडीएम नरैनी वंदिता श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता केन कैनाल अरविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ कराएंगे टीकाकरण व छिड़काव
बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह ने सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा को निर्देश दिए कि बाढ़ के समय और बाढ़ के बाद टीकाकरण एवं कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के चारे भूसे व टीकाकरण की जिम्मेदारी दी। जिला पूर्ति अधिकारी से बाढ़ चौकियों पर उचित दर विक्रेताओं को संबद्ध कर बाढ़ केे समय लाई, चना, गुड़, माचिस आदि का स्टाक कर लें। मिट्टी का तेल, डीजल और पेट्रोल भी रख लें। बाढ़ी सूचनाओं और नदियों के दैनिक गेज के आदान प्रदान के लिए वायरलेस सेट लगाए जाएं। हर बाढ़ चौकी में पुलिस तैनाती के निर्देश दिए। (संवाद)
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डीएम ने कहा कि नावों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। नाविकों के नाम, पते और मोबाइल नंबरों की सूची बना ली जाए। तहसीलदार बाढ़ चौकियों का सत्यापन करा लें। इस काम में लेखपालों को लगाया जाए। इसकी जानकारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष एवं प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा को दिया जाए। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड से बारिश से पहले बांधों के फाटकों को ठीक कराने के निर्देश दिए। नदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली कटानों की रोकथाम की व्यवस्था कर ली जाए। अधिशासी अभियंता विद्युत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत लाइन ठीक कराने के निर्देश दिए।
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अधिशासी अभियंता जल निगम व जल संस्थान से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों के पानी की जांच आदि के निर्देश दिए। बाढ़ चौकियों पर सफाई व प्रकाश की व्यवस्था के लिए स्थानीय निकायों को जिम्मेदारी दी है। बीडीओ ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था कराएं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पक्की नालियों का निर्माण कराएं। बैठक में एडीएम संतोष बहादुर सिंह, एसडीएम सदर सुधीर कुमार, सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, एसडीएम नरैनी वंदिता श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता केन कैनाल अरविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ कराएंगे टीकाकरण व छिड़काव
बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह ने सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा को निर्देश दिए कि बाढ़ के समय और बाढ़ के बाद टीकाकरण एवं कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के चारे भूसे व टीकाकरण की जिम्मेदारी दी। जिला पूर्ति अधिकारी से बाढ़ चौकियों पर उचित दर विक्रेताओं को संबद्ध कर बाढ़ केे समय लाई, चना, गुड़, माचिस आदि का स्टाक कर लें। मिट्टी का तेल, डीजल और पेट्रोल भी रख लें। बाढ़ी सूचनाओं और नदियों के दैनिक गेज के आदान प्रदान के लिए वायरलेस सेट लगाए जाएं। हर बाढ़ चौकी में पुलिस तैनाती के निर्देश दिए। (संवाद)