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पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति को प्राधिकरण का नोटिस
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बांदाः पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति।
- फोटो : BANDA
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बांदा। भाजपा से पाला बदलकर सपा में आए पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति के एक दशक से भी ज्यादा पुराने भवन को बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अवैध निर्माण बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी की है। 7 अप्रैल को पूर्व विधायक को प्राधिकरण में अपनी सफाई देने के लिए तलब किया है।
पिछले विधानसभा चुनाव वर्ष 2017 में तिंदवारी क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए बृजेश प्रजापति का शहर के बिजली खेड़ा (जेएन डिग्री कालेज रोड) में पक्का मकान है। विधायक काल में भी बृजेश इसी मकान में रहे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तिंदवारी क्षेत्र से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के दौरान इसी भवन में उनका चुनाव कार्यालय भी रहा, लेकिन अब बांदा विकास प्राधिकरण सचिव ने प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसमें कहा है कि प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृति/बिना अनुमति के उन्होंने लगभग 190 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फ्रंट शेड बैक व साइड शेड बैक को शामिल करते हुए बेसमेंट, भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल और तृतीय तल पर भवन निर्माण तथा चौथी मंजिल में ममटी का निर्माण कराया है।
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प्राधिकरण सचिव ने पूर्व विधायक प्रजापति से कहा है कि वह 7 अप्रैल को खुद प्राधिकरण में उपस्थित हों और स्पष्टीकरण दें। क्यूं न उनका अवैध निर्माण गिरा देने का आदेश दिया जाए? नोटिस में उत्तर प्रदेश अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1973 का हवाला देकर यह भी कहा गया है कि 50 हजार रुपये तक जुर्माना और प्रथम दोष सिद्ध होने पर 2500 रुपये रोज की दर से जुर्माना हो सकता है।
गौरतलब है कि बृजेश प्रजापति 5 वर्ष तक भाजपा के विधायक रहे। वह स्वामी प्रसाद मौर्य खेमे के हैं। श्री मौर्य के सपा में शामिल होने पर वह भी सपा में शामिल हो गए। उन्हें तिंदवारी सीट से ही सपा का टिकट भी मिल गया। वह दूसरे नंबर पर रहे। भाजपा प्रत्याशी रामकेश निषाद यहां से विजयी हुए। राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा है कि प्राधिकरण का नोटिस भाजपा से बगावत के खामियाजे का एक हिस्सा है।
दबाव में नहीं आएंगे, मकान वैध है
बांदा। पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति का कहना है कि उनका मकान वर्ष 2009 से बना है। वह पूरा हाउस टैक्स जमा करते हैं। बिजली का कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि अब 13 वर्षों बाद इस मकान को अवैध निर्माण बताया जाना हर बुद्धिजीवी और आम आदमी खूब समझ रहा है कि इसके पीछे क्या वजह है। उन्होंने भाजपा छोड़ी तो उसी का बदला लिया जा रहा है। लेकिन वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। उनका मकान वैध है।
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पिछले विधानसभा चुनाव वर्ष 2017 में तिंदवारी क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए बृजेश प्रजापति का शहर के बिजली खेड़ा (जेएन डिग्री कालेज रोड) में पक्का मकान है। विधायक काल में भी बृजेश इसी मकान में रहे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तिंदवारी क्षेत्र से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के दौरान इसी भवन में उनका चुनाव कार्यालय भी रहा, लेकिन अब बांदा विकास प्राधिकरण सचिव ने प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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इसमें कहा है कि प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृति/बिना अनुमति के उन्होंने लगभग 190 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फ्रंट शेड बैक व साइड शेड बैक को शामिल करते हुए बेसमेंट, भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल और तृतीय तल पर भवन निर्माण तथा चौथी मंजिल में ममटी का निर्माण कराया है।
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प्राधिकरण सचिव ने पूर्व विधायक प्रजापति से कहा है कि वह 7 अप्रैल को खुद प्राधिकरण में उपस्थित हों और स्पष्टीकरण दें। क्यूं न उनका अवैध निर्माण गिरा देने का आदेश दिया जाए? नोटिस में उत्तर प्रदेश अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1973 का हवाला देकर यह भी कहा गया है कि 50 हजार रुपये तक जुर्माना और प्रथम दोष सिद्ध होने पर 2500 रुपये रोज की दर से जुर्माना हो सकता है।
गौरतलब है कि बृजेश प्रजापति 5 वर्ष तक भाजपा के विधायक रहे। वह स्वामी प्रसाद मौर्य खेमे के हैं। श्री मौर्य के सपा में शामिल होने पर वह भी सपा में शामिल हो गए। उन्हें तिंदवारी सीट से ही सपा का टिकट भी मिल गया। वह दूसरे नंबर पर रहे। भाजपा प्रत्याशी रामकेश निषाद यहां से विजयी हुए। राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा है कि प्राधिकरण का नोटिस भाजपा से बगावत के खामियाजे का एक हिस्सा है।
दबाव में नहीं आएंगे, मकान वैध है
बांदा। पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति का कहना है कि उनका मकान वर्ष 2009 से बना है। वह पूरा हाउस टैक्स जमा करते हैं। बिजली का कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि अब 13 वर्षों बाद इस मकान को अवैध निर्माण बताया जाना हर बुद्धिजीवी और आम आदमी खूब समझ रहा है कि इसके पीछे क्या वजह है। उन्होंने भाजपा छोड़ी तो उसी का बदला लिया जा रहा है। लेकिन वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। उनका मकान वैध है।

बांदा के बिजली खेड़ा मोहल्ले में स्थित पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति का मकान।- फोटो : BANDA