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अस्पतालों में आग से बचाव के नियमों में ही लगी आग

Sun, 10 Jan 2021 10:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2021 10:44 PM IST
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aspataalon mein aag se bachaav ke niyamon mein hee lagee aag
जिला महिला अस्पताल में संचालित एसएनसीयू में भर्ती नवजात। - फोटो : BANDA
बांदा। जिला पुरुष और महिला अस्पतालों में आग से निपटने की व्यवस्थाएं जिले में रामभरोसे हैं। जो गिनी चुनी दिखावटी व्यवस्थाएं हैं वह भी मानक के मुताबिक नहीं हैं। चंद सीज फायर सिलिंडर टांगकर अस्पताल प्रशासन ने आग से बचाव की जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। ईश्वर न करे कि महाराष्ट्र जैसी यहां नौबत आए। वरना अस्पताल प्रशासन की गैर जिम्मेदारी का खामियाजा निर्दोष बच्चों, महिलाओं और पुरुष मरीजों को भुगतना पड़ सकता है।
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व्यवस्थाएं तो दरकिनार दोनों अस्पतालों ने आज तक फायर ब्रिगेड विभाग से एनओसी तक हासिल नहीं की है। महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल स्थित शिशु केयर यूनिट में आग से 10 नवजातों की मौत हो गई। ऐसे में मंडल मुख्यालय के दोनों जिला अस्पतालों की पड़ताल भी लाजमी है। जिला महिला अस्पताल में संचालित एसएनसीयू (सिक न्यू बार्न केयर यूनिट) में 14 वार्मर बेड और 3 फोटो थेरेपी मशीन है। इस यूनिट में रोजाना औसतन 10 से 15 नवजात भर्ती रहते हैं। जिंदगी बचाने के लिए भर्ती किए गए इन नवजात की यूनिट में मात्र एक सीज फायर सिलिंडर है।
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मौका पड़ने पर वह भी चल पाए इसका कोई भरोसा नहीं। यहां तैनात स्टाफ को इसे चलाने की ट्रेनिंग ही नहीं दी गई। उधर, करीब डेढ़ सौ बेड की क्षमता वाले ट्रामा सेंटर और जिला अस्पताल में रोजाना लगभग 80 से 100 मरीज भर्ती रहते हैं। संभावित आग से बचाव के लिए यहां मात्र छह से सात सीज फायर सिलिंडर हैं। वह भी वार्डों के अंदर हैं, जबकि इन्हें बाहर होना चाहिए। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. उदयभान सिंह का कहना है कि भूतल में अस्पताल होने से आग का जोखिम कम है। हरेक वार्ड में दो से तीन दरवाजे हैं। अन्य व्यवस्थाएं भी शीघ्र पूरी की जाएंगी।
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अस्पतालों ने नहीं ले रखी एनओसी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि जिला पुरुष और महिला अस्पतालों ने उनके विभाग से एनओसी नहीं हासिल की। कई पत्र भी भेजे गए। हाल ही में उन्होंने स्टाफ से अस्पतालों के सीज फायर सिलिंडर की जांच कराई थी। मानक के मुताबिक, हरेक वार्ड में 10-10 मीटर पर एक सिलिंडर होना चाहिए, लेकिन यह इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। सोमवार से अभियान चलाकर जांच करेंगे और कमी मिलने पर नोटिस देंगे।
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