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बर्बाद फसल देखकर एक और किसान की मौत

ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 02 Apr 2015 11:45 PM IST
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Another farmer's death

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फसल के सदमे में ताबड़तोड़ हो रही किसानों की मौतों की कड़ी में एक और घटना जुड़ गई। फसल काटने पहुंचे किसान को खेत की बर्बादी बर्दाश्त नहीं हुई। उसकी हार्टअटैक से खेत पर ही मौत हो गई।
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सदमे मेें अब तक करीब 20 किसान जान गवां चुके हैं। उधर, जांच को गए प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतक किसान को शराब का लती बताया है। मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर सदर तहसील के कनवारा गांव में बृहस्पतिवार को सुबह करीब पांच बजे किसान राम प्रसाद निषाद (64) पुत्र विश्वनाथ खेत में बीच-खुची फसल काटने गया था।


फसल की हालत देख उसे चक्कर आ गए और पसीना छूट गया। वह खेत के नजदीक नहर की पटरी पर बैठ गया। कुछ देर में उसकी वहीं मौत हो गई। मृतक के इकलौते पुत्र शंकर ने बताया कि पिता की मुट्ठी में बर्बाद फसल दबी थी। पूरी फसल चौपट हो गई। साहूकारों से कुछ कर्ज ले रखा था।

उधर, किसान की मौत की खबर पाकर उप जिलाधिकारी प्रहलाद सिंह व नायब तहसीलदार गिरिवर सिंह गांव पहुंचे और जांच की। नायब तहसीलदार ने बताया कि किसान सुबह खेत की तरफ गया था। नहर पटरी में उसकी मौत हो गई। नायब तहसीलदार ने यह भी कहा कि गांव वालों ने बताया है कि मृतक शराब का आदी था।

फसल की चिंता में रोकर किसान ने आग लगा ली
बांदा/बबेरू। ओला-बारिश में तबाह फसल से परेशान और तनावग्रस्त किसान ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। उसे नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग लगाने से पहले किसान फसल की चिंता में रो पड़ा था। घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरी खानपुर गांव की है।

ब्रजभूषण (45) पुत्र बल्देव बृहस्पतिवार को सुबह खेत गया था। कुछ देर वहां खेत में खराब हुई फसल का जायजा लेता रहा और फिर वापस घर आ गया। दोपहर को उसने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। आसपास मौजूद किसानों ने देखा तो दौड़े और ब्रजभूषण की आग बुझाई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

पत्नी भगवती ने बताया कि वह खाना देने गई तो पति (ब्रजभूषण) फसल की बर्बादी पर रो रहा था। वह समझाकर चली आई। कुछ ही देर बाद आग लगा ली। यह भी बताया कि उसके नौ बीघा जमीन है। इसमें चार बीघा गिरवी है। एक लाख रुपये साहूकारों का कर्ज है। लगातार दो साल से फसलें खराब होने और कर्ज का दबाव बढ़ने का बहुत तनाव था।

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