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गोशाला के दलदल में दम तोड़ रहीं अन्ना गायें
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बांदाः पल्हरी की अस्थायी गोशाला में दलदल में खड़ी अन्ना गायें और गोवंश का शव। संवाद
- फोटो : BANDA
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बांदा। मंडल मुख्यालय की नाक तले ही गोवंशों की दुर्दशा है। गोशाला में बारिश से हुए दलदल में अन्ना गायें दम तोड़ रही हैं। शहर से मात्र 5 किलोमीटर दूर स्थित पल्हरी गांव की अस्थायी गोशाला गोवंश की बदहाली का ताजा नमूना है। यहां हाल में पांच गोवंशों की मौत हो गई है।
बबेरू रोड पर स्थित पल्हरी गांव में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। यहां के अभिलेखों व कर्मियों के दावे के मुताबिक 325 गोवंश संरक्षित हैं। हाल ही में हुई बारिश से गोशाला में जगह-जगह कीचड़ का दलदल हो गया है। बुधवार को इस कीचड़ में कई गोवंशों के शव नजर आए। उधर, गोशाला के बाहर भी कई गायों के शवों को कुत्ते और चील-कौवे नोंचते मिले।
ग्राम प्रधान ओम प्रकाश प्रजापति (लाला) का कहना था कि व्यवस्थाएं सब हैं। गोवंश की मौत ठंड से हुई है। उधर, पड़ोसियों ने बताया कि मंगलवार को शाम ट्रैक्टर ट्राली में कई गोवंश के शव लादकर बाईपास की तरफ ले जाए गए थे। खंड विकास अधिकारी डा.अजय कुमार पांडेय ने कहा कि दो-एक गायों की मौत हुई है। वह पहले से बीमार थीं। उनका इलाज भी चल रहा था।
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गायों के लिए आए कंबल कमरे में बने शोपीस
बांदा। पल्हरी की अस्थायी गोशाला में पिछले हफ्ते जिलाधिकारी ने 100 पुराने कंबल भिजवाए थे। निर्देश दिया था कि इन्हें गायों के जिस्म में बांधा जाए। लेकिन यह कंबल वहां एक कमरे में शोपीस बने हैं। इस बाबत ग्राम प्रधान का कहना था कि कंबल ओढ़ाने पर गाय एक ही दिन में उसे बर्बाद कर देती हैं। इसलिए कंबल फिलहाल रखे हुए हैं। वैसे ये कंबल गले और फटे हुए भी हैं।
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बबेरू रोड पर स्थित पल्हरी गांव में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। यहां के अभिलेखों व कर्मियों के दावे के मुताबिक 325 गोवंश संरक्षित हैं। हाल ही में हुई बारिश से गोशाला में जगह-जगह कीचड़ का दलदल हो गया है। बुधवार को इस कीचड़ में कई गोवंशों के शव नजर आए। उधर, गोशाला के बाहर भी कई गायों के शवों को कुत्ते और चील-कौवे नोंचते मिले।
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ग्राम प्रधान ओम प्रकाश प्रजापति (लाला) का कहना था कि व्यवस्थाएं सब हैं। गोवंश की मौत ठंड से हुई है। उधर, पड़ोसियों ने बताया कि मंगलवार को शाम ट्रैक्टर ट्राली में कई गोवंश के शव लादकर बाईपास की तरफ ले जाए गए थे। खंड विकास अधिकारी डा.अजय कुमार पांडेय ने कहा कि दो-एक गायों की मौत हुई है। वह पहले से बीमार थीं। उनका इलाज भी चल रहा था।
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गायों के लिए आए कंबल कमरे में बने शोपीस
बांदा। पल्हरी की अस्थायी गोशाला में पिछले हफ्ते जिलाधिकारी ने 100 पुराने कंबल भिजवाए थे। निर्देश दिया था कि इन्हें गायों के जिस्म में बांधा जाए। लेकिन यह कंबल वहां एक कमरे में शोपीस बने हैं। इस बाबत ग्राम प्रधान का कहना था कि कंबल ओढ़ाने पर गाय एक ही दिन में उसे बर्बाद कर देती हैं। इसलिए कंबल फिलहाल रखे हुए हैं। वैसे ये कंबल गले और फटे हुए भी हैं।