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छुट्टा पशु बने बर्बादी का सबब
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:23 PM IST
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बांदा। बुंदेलखंड में अन्ना पशु और जंगली जानवरों की गंभी समस्या है। कुदरत की मार से टूटे किसानों की बर्बादी में अन्ना पशु भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। मंडल के चारों जिलों में 1000 से ज्यादा वनरोज (नील गाय) हैं।
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इनके कहर से बांदा और हमीरपुर में हजारों बीघे खेत बोए नहीं जाते। जहां बुवाई होती है वहां वहां रातों-रात वनरोज धावा बोलकर फसल सफाचट कर रहे हैं। इसी तरह हजारों अन्ना गाय किसानों की दुश्मन साबित हो रही हैं। पशु पालन विभाग ने समस्या के समाधान का कोई उपाय नहीं किया है। गौशाला बनाकर अन्ना गायों और जंगलों में बाड़ लगाकर नील गायों को खेतों तक जाने से रोका जा सकता है।
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