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बांदा: वादा खिलाफी से नाराज ग्रामीणों दूसरे दिन भी लगाया जाम
Mon, 20 Feb 2023 11:04 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:04 PM IST
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वादा खिलाफी से नाराज ग्रामीणों हाईवे पर शव रखकर लगाया जाम
- ग्रामीणों का आरोप, घायल बच्चों का नहीं कराया गया इलाज
- चार घंटे ठप रहा प्रयागराज-खजुराहो हाईवे, बोर्ड परीक्षार्थी हुए लेट
संवाद न्यूज एजेंसी
नरैनी। जिला प्रशासन की वादा खिलाफी से नाराज कानपुर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे चार वर्षीय बालक के इलाज के लिए पैसा न होने पर ग्रामीणों ने मृत बालक का शव प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। चार घंटे की मशक्कत के बाद एसडीएम और सीओ जाम खुलवा सके।
रविवार दोपहर तेज रफ्तार डंपर ने पड़मई गांव में एक पान की गुमटी में जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में बक्कू (10) पुत्र अवध बिहारी की मौके पर मौत हो गई थी। चार गंभीर बालकों को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। इसमें देर रात रिहान (4) पुत्र शिवमंगल की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रयागराज-खजुराहो हाईवे पर जाम लगा दिया था। सूचना पर पहुंची एडीएम उमाकांत त्रिपाठी और एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा ने जाम को खुलवाने के लिए घायल बच्चों का बेहतर इलाज का वादा किया था।
सोमवार को कानपुर हैलट में घायल रिहान के साथ गए बाबा राजकुमार ने गांव के लोगों को फोन पर जानकारी दी कि उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। डॉक्टर इलाज के लिए दवाओं के पर्चे लिख रहे हैं। कहते हैं इलाज के लिए पैसों का इंतजाम करो। यह जानकारी मिलने पर पड़मई गांव में ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सोमवार को सुबह लगभग सवा छह बजे फिर से प्रयागराज-खजुराहो हाईवे पर मृत बालक का शव रखकर जाम लगा दिया।
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मामले की सूचना मिलने पर एसडीएम रजत वर्मा, सीओ नितिन कुमार, तहसीलदार सत्य प्रकाश मौके पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने मांग की कि मृतक बालक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। जिंदगी और मौत से जूझ रहे बालक रिहान के इलाज की व्यवस्था की जाए। उनकी मांग पर एसडीएम रजत वर्मा ने कानपुर हैलट में इलाज कराने के लिए तत्काल सीएमओ बांदा को फोन पर अवगत कराया। इस पर घायल रिहान का कानपुर हैलट में इलाज शुरू हो गया।
तहसीलदार सत्यप्रकाश ने कहा कि जो भी शासन द्वारा सुविधाएं मिलती हैं उनको कानूनी तौर पर दिलाया जाएगा। दुर्घटना में में घायल हुई भैंस पशुपालक को तहसील कोष से 30 हजार रुपये दिए जाने की बात कही। इस पर लगभग 10 बजे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
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घायल रिहान के माता-पिता दिल्ली से आ रहे
कानपुर के हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रला रिहान अपने दादा अवध बिहारी के साथ पड़मई गांव में रहता है। उसके माता पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। हादसे की जानकारी होने पर वह ट्रेन से गांव आ रहे हैं।
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जाम की वजह से बोर्ड परीक्षार्थी हुए लेट
नरैनी। प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार घंटे जाम लगे होने की वजह से स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूलों में चल रहीं बोर्ड परीक्षाओं की वजह से कई परीक्षार्थी देरी से स्कूल पहुंचे। (संवाद)
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पूर्व सांसद ने पड़मई पहुंच जताई संवेदना
नरैनी। पड़मई गांव के पास सड़क हादसे में बालक की मौत व बच्चों के घायल होने की सूचना पर सपाइयों ने मृतक परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने गांव पहुंचकर मृतक बालक के परिवार से संवेदना व्यक्त की। हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस मौके पर हरिश्चंद्र सोनकर, शाहिद अली, मुन्ना पटेल, फखरुद्दीन, रामफल आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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- ग्रामीणों का आरोप, घायल बच्चों का नहीं कराया गया इलाज
- चार घंटे ठप रहा प्रयागराज-खजुराहो हाईवे, बोर्ड परीक्षार्थी हुए लेट
संवाद न्यूज एजेंसी
नरैनी। जिला प्रशासन की वादा खिलाफी से नाराज कानपुर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे चार वर्षीय बालक के इलाज के लिए पैसा न होने पर ग्रामीणों ने मृत बालक का शव प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। चार घंटे की मशक्कत के बाद एसडीएम और सीओ जाम खुलवा सके।
रविवार दोपहर तेज रफ्तार डंपर ने पड़मई गांव में एक पान की गुमटी में जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में बक्कू (10) पुत्र अवध बिहारी की मौके पर मौत हो गई थी। चार गंभीर बालकों को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। इसमें देर रात रिहान (4) पुत्र शिवमंगल की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रयागराज-खजुराहो हाईवे पर जाम लगा दिया था। सूचना पर पहुंची एडीएम उमाकांत त्रिपाठी और एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा ने जाम को खुलवाने के लिए घायल बच्चों का बेहतर इलाज का वादा किया था।
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सोमवार को कानपुर हैलट में घायल रिहान के साथ गए बाबा राजकुमार ने गांव के लोगों को फोन पर जानकारी दी कि उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। डॉक्टर इलाज के लिए दवाओं के पर्चे लिख रहे हैं। कहते हैं इलाज के लिए पैसों का इंतजाम करो। यह जानकारी मिलने पर पड़मई गांव में ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सोमवार को सुबह लगभग सवा छह बजे फिर से प्रयागराज-खजुराहो हाईवे पर मृत बालक का शव रखकर जाम लगा दिया।
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मामले की सूचना मिलने पर एसडीएम रजत वर्मा, सीओ नितिन कुमार, तहसीलदार सत्य प्रकाश मौके पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने मांग की कि मृतक बालक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। जिंदगी और मौत से जूझ रहे बालक रिहान के इलाज की व्यवस्था की जाए। उनकी मांग पर एसडीएम रजत वर्मा ने कानपुर हैलट में इलाज कराने के लिए तत्काल सीएमओ बांदा को फोन पर अवगत कराया। इस पर घायल रिहान का कानपुर हैलट में इलाज शुरू हो गया।
तहसीलदार सत्यप्रकाश ने कहा कि जो भी शासन द्वारा सुविधाएं मिलती हैं उनको कानूनी तौर पर दिलाया जाएगा। दुर्घटना में में घायल हुई भैंस पशुपालक को तहसील कोष से 30 हजार रुपये दिए जाने की बात कही। इस पर लगभग 10 बजे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
घायल रिहान के माता-पिता दिल्ली से आ रहे
कानपुर के हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रला रिहान अपने दादा अवध बिहारी के साथ पड़मई गांव में रहता है। उसके माता पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। हादसे की जानकारी होने पर वह ट्रेन से गांव आ रहे हैं।
जाम की वजह से बोर्ड परीक्षार्थी हुए लेट
नरैनी। प्रयागराज-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार घंटे जाम लगे होने की वजह से स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूलों में चल रहीं बोर्ड परीक्षाओं की वजह से कई परीक्षार्थी देरी से स्कूल पहुंचे। (संवाद)
पूर्व सांसद ने पड़मई पहुंच जताई संवेदना
नरैनी। पड़मई गांव के पास सड़क हादसे में बालक की मौत व बच्चों के घायल होने की सूचना पर सपाइयों ने मृतक परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने गांव पहुंचकर मृतक बालक के परिवार से संवेदना व्यक्त की। हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस मौके पर हरिश्चंद्र सोनकर, शाहिद अली, मुन्ना पटेल, फखरुद्दीन, रामफल आदि मौजूद रहे। (संवाद)