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मेडिकल कालेज में गंदगी पर गुस्साए महानिदेशक
अमर उजाला ब्यूरो बांदा
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:02 PM IST
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बांदा। एमसीआई टीम के संभावित दौरे के मद्देनजर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी ने बांदा मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। जगह-जगह गंदगी और फर्नीचर न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यहां अगले शैक्षिक सत्र से एमबीबीएस कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
इसी माह एक सप्ताह के अंदर मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) टीम को मेडिकल कालेज दौरे पर आना है। इसी के चलते महानिदेशक मंगलवार को यहां मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने बताया कि 12 मार्च को यहां उद्घाटन में आए मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक मेडिकल कालेज में ओपीडी और आईपीडी शुरू हो गई। एमसीआई की मान्यता हासिल करने के लिए मेडिकल कालेज में मानकों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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अगले सत्र से 100 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। बताया कि 300 बेड का अस्पताल तैयार है। कुछ बेड और फर्नीचर की कमी है वह भी जल्द आने वाला है। चार माड्यूलर और 10 आपरेशन थियेटर भी बन गए। यहां छोटे-बड़े आपरेशन होने लगे हैं।
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उधर, महानिदेशक डा. त्रिपाठी ने कालेज परिसर में जानकारियों से संबंधित साइन बोर्ड न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि बिना सूचना बोर्ड के यह भूल-भुलैया की तरह है। उन्होंने निर्माण कंपनी अधिकारियों को शीघ्र बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। जगह-जगह पीक और गंदगी पर भी कालेज प्रशासन पर गुस्सा जताया।
इमर्जेंसी वार्ड में रजिस्टरों का रखरखाव सही न होने पर नर्स को फटकारा। अपनी जेब से सौ रुपये निकालकर नर्स को दिए और कहा कि हर हाल में इन पर कवर चढ़ जाएं। कालेज प्रशासन को हिदायत दी कि दो दिनों में एमसीआई के मानकों को पूरा कर लें। इस अवसर पर प्रोफेसर (रिटर्नी) नरेश यादव, प्रभारी प्रधानाचार्य सुनील कुमार आर्य, डा.आरसी अरुण, डा. सुनील बंसल, डा. करन राजपूत, डा. कंचन और निर्माण कंपनी के सुधीर राव, चंद्रशेखर इत्यादि मौजूद रहे।
धूल फांक रहे कीमती उपकरण
महानिदेशक के निर्देशों को कालेज प्रशासन और कार्यदाई संस्था ने हवा में उड़ा दिया। नतीजे में इलेक्ट्रिक फिटिंग के बिना मेडिकल कालेज के कीमती उपकरण धूल फांक रहे हैं। 23 अक्तूबर को मेडिकल कालेज के निरीक्षण में आए महानिदेशक ने प्राचार्य और कार्यदाई संस्था को निर्देश दिए थे कि कालेज में जो भी उपकरण आ गए हैं उन्हें हर हालत में 30 अक्तूबर तक चालू कर लिया जाए।
इसके बावजूद अब तक उपकरण चालू नहीं हुए। महानिदेशक ने निर्माण निगम के इलेक्ट्रिक डिवीजन से नाराजगी जताते हुए कहा कि शीघ्र व्यवस्था दुरुस्त कर लें जिससे उपकरण चालू किए जा सकें। महानिदेशक ने बताया कि मेडिकल कालेज में पांच आधुनिक वेंटीलेटर मशीनें आ गईं। इनमें एक आपरेशन थियेटर में चालू कर दी गई। चार मशीनें भी शीघ्र सेट हो जाएंगी। उन्होंने एक मशीन की कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई है। ईसीजी और एक्स-रे मशीन शुरू होने का भी दावा किया गया।