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सम्मान में भेदभाव का आरोप
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बांदा। शिक्षक दिवस पर डीएवी इंटर कॉलेज में 75 परिषदीय शिक्षकों के सम्मान में दो शिक्षिकाओं ने सवालिया निशान लगाया है। डीएम को संबोधित अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि महुआ ब्लॉक से जिन शिक्षकों का चयन बीआरसी स्तर से किया गया था, उनका नाम काटकर अन्य शिक्षकों के नाम शामिल किए गए हैं।
उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्राथमिक विद्यालय नंदवारा की प्रधानाध्यापक सुधा सिंह राजपूत और प्राथमिक विद्यालय मलेहरा निवादा की सुनीता प्रजापति ने सोमवार को जिलाधिकारी को संबोधित अर्जी अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह को सौंपी।
दोनों शिक्षिकाओं का कहना है कि महुआ ब्लॉक से कुल 11 नाम खंड शिक्षाधिकारी ने भेजे थे। इनमें 7 चयनित किए गए थे। इन शिक्षकों के नाम काट दिए गए। अन्य शिक्षकों को सूची में शामिल कर लिया गया।
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इससे महुआ क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों में मायूसी है। उन्होंने इस भेदभाव की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अर्जी की प्रति मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, मंडलायुक्त, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ आदि को भी भेजी है।
उधर, बीएसए रामपाल सिंह ने कहा कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सूची मांगी गई थी। यह प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्राथमिक विद्यालय नंदवारा की प्रधानाध्यापक सुधा सिंह राजपूत और प्राथमिक विद्यालय मलेहरा निवादा की सुनीता प्रजापति ने सोमवार को जिलाधिकारी को संबोधित अर्जी अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह को सौंपी।
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दोनों शिक्षिकाओं का कहना है कि महुआ ब्लॉक से कुल 11 नाम खंड शिक्षाधिकारी ने भेजे थे। इनमें 7 चयनित किए गए थे। इन शिक्षकों के नाम काट दिए गए। अन्य शिक्षकों को सूची में शामिल कर लिया गया।
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इससे महुआ क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों में मायूसी है। उन्होंने इस भेदभाव की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अर्जी की प्रति मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, मंडलायुक्त, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ आदि को भी भेजी है।
उधर, बीएसए रामपाल सिंह ने कहा कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सूची मांगी गई थी। यह प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।