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Banda News: स्वरोजगार के लिए कर्ज लेकर चुकाए नहीं, 68 के मूलधन पर 2.82 करोड़ ब्याज

Fri, 03 Oct 2025 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 11:28 PM IST
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After taking loan for self employment and did not repay it, interest of Rs 2.82 crore on principal amount of Rs 68
फोटो- 05 जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय। संवाद
बांदा। स्वरोजगार और कारोबार बढ़ाने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग टर्म लोन योजना के तहत ऋण देता है, लेकिन ऋण लेने वाले करीब 197 लोगों इसकी अदायगी नहीं की। लंबे समय से बकाया जमा न करने पर कर्जदारों पर मूलधन से चार गुना ब्याज बढ़ गया है। कई लोगों ने तो ऋण लेने के बाद एक भी किस्त की अदायगी नहीं की। विभाग ने बकाएदारों को नोटिस जारी की है।
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अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 1999 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टर्म लोन योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार व कारोबार बढ़ाने के लिए पांच लाख तक सात फीसदी ब्याज पर ऋण दिए जाने की व्यवस्था थी। योजना के तहत वर्ष 2002 तक 397 लोगों को विभिन्न कारोबार जैसे की बेकरी, दूध डेयरी, पशुपालन, फुटवियर आदि के लिए 550 करोड़ का बैंकों के माध्यम से ऋण किया गया। इनमें 200 लोगों ने ही तय समय सीमा के अंदर ऋण की अदायगी की।
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197 लोगों ने ऋण जमा नहीं किया। इनमें 56 लोग ऐसे हैं जिन्होंने ऋण लेने के बाद सिर्फ एक- दो से तीन किस्त ही जमा की। 91 लोगों ने एक किस्त जमा की। 50 लोग ऐसे हैं जिन्होंने ऋण लेने के बाद एक भी किस्त जमा नहीं की। आलम यह है कि ऋण लेने वालों के ऊपर मूलधन से चार गुना अधिक ब्याज हो गया है। विभाग ने वसूली के लिए ऐसे लोगों के विरुद्ध अंतिम नोटिस जारी की है। इसके पूर्व भी दो नोटिस जारी हो चुके हैं।
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68 लाख ऋण, ब्याज 2.82 करोड़
197 बकाएदारों को विभाग ने नोटिस जारी की है उन्होंने कारोबार के लिए 68 लाख रुपये ऋण लिया था। जो आज ब्याज सहित 3.50 करोड़ हो गया है। यानि कि मूलधन से चार गुना। इसमें 2.82 करोड़ सिर्फ ब्याज की धनराशि है।

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2003 में बंद कर दी गई थी योजना
सरकार ने योजना के सही परिणाम सामने न आने पर उसे 2003 में बंद कर दिया था। अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन्होंने ऋण ले रखा है वह तय समय में ऋण की अदायगी नहीं करते है तो वसूली की जाए।
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वर्जन
ऋण की अदायगी न करने वालों को अंतिम नोटिस जारी की गई है। इसके बाद आरसी जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक चौधरी, प्रभारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारी
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