फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Advocates angry over statement of change in IPC

आईपीसी में बदलाव के बयान पर भड़के अधिवक्ता

Sun, 01 Dec 2019 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2019 11:54 PM IST
विज्ञापन
Advocates angry over statement of change in IPC
बांदा। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) को अप्रासंगिक बताकर इसमें अमूलचूल परिवर्तन किए जाने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए बयान पर अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। कहा है कि इस बयान में राजनीतिक सड़ांध नजर आ रही है।
विज्ञापन

दो दिन पूर्व लखनऊ आए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा था कि आईपीसी व सीआरपीसी में संशोधन का मसौदा तैयार हुआ है। उनके इस बयान पर जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुबीर सिंह गौर ने कहा कि आईपीसी और सीआरपीसी में बड़ा बदलाव आसान बात नहीं है। अलबत्ता मामूली संशोधन या कुछ नए अध्याय जोड़ना अलग बात है। ऐसा पहले भी हुआ है। अध्यक्ष ने दोनों दंड संहिताओं में बड़े बदलाव की जरूरत से असहमति जताई।
विज्ञापन

वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता और सपा नेता अशोक दीक्षित ने कहा कि गृह मंत्री का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। मौजूदा कानून को अंग्रेजों का नहीं कहा जा सकता। हमारे देश की आईपीसी और सीआरपीसी पवित्र, परिपक्व और प्रासंगिक है। इससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का यह बयान संवैधानिक व्यवस्था का मखौल उड़ाने वाला है। वरिष्ठ अधिवक्ता सैय्यद मंजर अली ने कहा कि न तजुर्बेकार लोग मुश्किल काम में हाथ डालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आईपीसी अच्छा कानून है। यह न सिर्फ भारत बल्कि आधे एशिया में चलता है। इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है। यह पर्याप्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed