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यमुना की जलधारा में बना ए 25 फीट के गड्ढे
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बांदा। यमुना नदी की मुख्य जलधारा में पोकलैंड मशीनों से बालू निकालकर 25 फीट तक गहरी गड्ढे बना दिए गए हैं। इससे मछलियों का शिकार से जीवन यापन करने वालों की रोजी-रोटी छीन गई है। तलहटी पर सब्जी उगाने वालों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। जौहरपुर गांव के लोगों ने मंडलायुक्त से कार्रवाई की मांग की है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के जौहरपुर के एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को अर्जी दी। इसमें कहा कि यमुना नदी खंड-1 में बालू खदान संचालक पोकलैंड मशीन से नदी की जलधारा में खनन करा रहे हैं। इससे नदी में 20 से 25 फीट के गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में बच्चों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। विरोध करने पर खदान संचालक लूट के मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वह मछली पकड़ने के साथ तलहटी पर सब्जी उगाते हैं। नदी में खनन से दोनों कामों पर संकट खड़ा हो गया है। कहा कि इसके पूर्व नवंबर में भी यह फरियाद की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मंडलायुक्त ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। अर्जी देने वालों में राजीव निषाद, राजीव सिंह, सोनू सिंह, जयकरन सिंह, पवन सिंह, चुनकवा, धर्मवीर सिंह, जेठराम निषाद, मान सिंह, आशाराम सिंह आदि शामिल रहे।
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तिंदवारी थाना क्षेत्र के जौहरपुर के एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को अर्जी दी। इसमें कहा कि यमुना नदी खंड-1 में बालू खदान संचालक पोकलैंड मशीन से नदी की जलधारा में खनन करा रहे हैं। इससे नदी में 20 से 25 फीट के गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में बच्चों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। विरोध करने पर खदान संचालक लूट के मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि वह मछली पकड़ने के साथ तलहटी पर सब्जी उगाते हैं। नदी में खनन से दोनों कामों पर संकट खड़ा हो गया है। कहा कि इसके पूर्व नवंबर में भी यह फरियाद की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मंडलायुक्त ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। अर्जी देने वालों में राजीव निषाद, राजीव सिंह, सोनू सिंह, जयकरन सिंह, पवन सिंह, चुनकवा, धर्मवीर सिंह, जेठराम निषाद, मान सिंह, आशाराम सिंह आदि शामिल रहे।
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