फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   ...तो बांदा में नहीं है खनिज माफिया

...तो बांदा में नहीं है खनिज माफिया

Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
Banda
Banda Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बांदा। बालू के लिए कत्ल हो रहे हैं। आए दिन खून-खराबा की खबरें आ रही हैं। खदानों में वर्चस्व को लेकर माफिया एक-दूसरे के आमने-सामने हैं लेकिन इन सारी बातों के बाद भी खनिज विभाग किसी को खनिज माफिया नहीं मानता। विभाग ने दोटूक शब्दों में अधिकृत तौर पर कह दिया है कि बांदा जनपद में कोई खनिज माफिया घोषित नहीं किया गया है। मिट्टी खनन के लिए मात्र एक परमिट जारी किया गया है।
विज्ञापन

पिछले डेढ़-दो दशकों से बालू कारोबार में कमाई के लालच में वर्चस्व की लड़ाई बढ़ी है। नतीजे में लगभग पूरा खनिज माफियाओं के संरक्षण मेें है। उन्हीं के इशारे पर काम चल रहा है। सरकार बदले या नहीं माफियाओं के तौर-तरीकों में बदलाव नहीं आता। बालू के लिए एक-दूसरे की जान लेने में भी कोई परहेज नहीं। ताजी घटना कनवारा घाट की है जहां बालू के लिए युवक की हत्या कर दी गई। दूसरी तरफ खनिज विभाग खनन में माफियाओं का शामिल होना नहीं मानता। जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत बांदा जिला खनिज अधिकारी ने समाजसेवी आशीष सागर को बताया है कि वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक बांदा जनपद में कोई भी खनिज माफिया घोषित नहीं किया गया है। इसी तरह अन्य जानकारी में बताया है कि मिट्टी खनन के लिए बांदा में वर्ष 2012 में मात्र एक परमिट स्वीकृत किया गया है। इससे 99 हजार रुपए रायल्टी के रूप में जमा कराए गए हैं। यह भी बताया वर्ष 2012 में मिट्टी के अवैध खनन से 90 हजार की राजस्व क्षतिपूर्ति वसूल की गई है। मिट्टी खनन के लिए जगदीश प्रसाद निषाद ने परमिट प्राप्त करने का आवेदन किया है। इसके लिए तहसीलदार से आख्या मांगी गई है। जनपद में मिट्टी खनन परमिट के लिए तीन प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए हैं। सिर्फ एक परमिट प्रबोध कुमार को जारी हुआ है। शेष दो प्रार्थनापत्र लंबित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed