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पांच लाख से होगी कायापलट
Banda
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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बांदा। रोडवेज बसों में यात्रा करने वालों को बस स्टैंड में यात्री सुविधाओं का अभाव नहीं खलेगा। मंडल में डिपो स्तर के चारों रोडवेज बस स्टैंडों में यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। अपर प्रबंधक निदेशक की पहल पर निदेशालय ने प्रत्येक डिपो के लिए पांच-पांच लाख रुपए जारी कर दिए हैं।
परिवहन निगम के अधिकांश बस स्टैंड प्रतीक्षालयों में यात्रियों के बैठने के लिए बेंच आदि की व्यवस्था नहीं है। शौचालय व पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। परिवहन निगम निदेशालय ने अब यात्री सुविधाएं चुस्त-दुरुस्त बनाने की पहल की है। अपर प्रबंध निदेशक हीरामणि मिश्र ने क्षेत्रीय प्रबंधक को भेेजे पत्र में कहा है कि बांदा, हमीरपुर, महोबा व राठ डिपो के प्रतीक्षालयों में पांच-पांच लाख रुपए खर्च कर यात्री सुविधाएं बहाल की जाएं। प्रतीक्षालय की साज-सज्जा, शौचालय, पेयजल और रंगाई-पुताई कराएं। 25 मई तक यह काम पूरा कर उक्त बस स्टैंडों के पहले और काम होने के बाद की फोटो कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि बांदा समेत सभी प्रतीक्षालयों में यात्रियों के बैठने की सबसे बड़ी समस्या है। महिलाओं समेत यात्रियों को जमीन पर बैठना पड़ता है। तमाम लोग लेटे दिखाई देते हैं।
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परिवहन निगम के अधिकांश बस स्टैंड प्रतीक्षालयों में यात्रियों के बैठने के लिए बेंच आदि की व्यवस्था नहीं है। शौचालय व पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। परिवहन निगम निदेशालय ने अब यात्री सुविधाएं चुस्त-दुरुस्त बनाने की पहल की है। अपर प्रबंध निदेशक हीरामणि मिश्र ने क्षेत्रीय प्रबंधक को भेेजे पत्र में कहा है कि बांदा, हमीरपुर, महोबा व राठ डिपो के प्रतीक्षालयों में पांच-पांच लाख रुपए खर्च कर यात्री सुविधाएं बहाल की जाएं। प्रतीक्षालय की साज-सज्जा, शौचालय, पेयजल और रंगाई-पुताई कराएं। 25 मई तक यह काम पूरा कर उक्त बस स्टैंडों के पहले और काम होने के बाद की फोटो कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि बांदा समेत सभी प्रतीक्षालयों में यात्रियों के बैठने की सबसे बड़ी समस्या है। महिलाओं समेत यात्रियों को जमीन पर बैठना पड़ता है। तमाम लोग लेटे दिखाई देते हैं।
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