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पशु अस्पताल में नहीं हैं चिकित्साधिकारी
Banda
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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अतर्रा। तहसील मुख्यालय स्थित मवेशी अस्पताल में पशु चिकित्साधिकारी का पद लंबे समय से खाली है। आसपास के अस्पतालों के चिकित्सक कुछ समय के लिए संबद्ध कर खानापूर्ति की जा रही है। प्रयोगशाला व सभाकक्ष निर्माण अधूरा है। क्षेत्र में पशु पालक चिकित्सक के अभाव में मवेशियों के इलाज को परेशान हैं।
तहसील के मवेशी अस्पताल को फार्मेसिस्ट अशोक कुमार वर्मा के सहारे छोड़ दिया गया है। कुछ दिनों के लिए फतेहगंज और बदौसा चिकित्सालय के पशु चिकित्सक की संबद्धता दिखाकर महज खानापूर्ति की गई है। बुंदेलखंड पैकेज से निर्माणाधीन प्रयोगशाला कक्ष सात माह गुजर जाने के बाद अधूरी है। मीटिंग कक्ष भी पैकेज से बनाया जा रहा है। समाजसेवी माता प्रसाद मिश्र, किसान राजा मिश्रा (माधव ताला), राजा (डांड़ी) आदि ने बताया कि फतेहगंज में तैनात फार्मेसिस्ट को ग्रामीणों ने बुंदेलखंड पैकेज से मिला पशु अस्पताल का सामान बेचते पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फतेहगंज पशु चिकित्साधिकारी डा.राजेश सिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते काम प्रभावित हुआ।
खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू आदि के टीकाकरण से संबंधित वैक्सीन अतर्रा पशु चिकित्सालय को प्राप्त हो चुकी है। 15 मई से जुलाई माह तक घर-घर जाकर मवेशियों का टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। समाजसेवी माता प्रसाद, सुशील चौरिहा आदि ने तत्काल पशु चिकित्सक तैनाती की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अविनाशचंद्र कमल ने कहा है कि प्रयोगशाला व मीटिंग कक्ष निर्माण में अनियमितता मिलने पर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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तहसील के मवेशी अस्पताल को फार्मेसिस्ट अशोक कुमार वर्मा के सहारे छोड़ दिया गया है। कुछ दिनों के लिए फतेहगंज और बदौसा चिकित्सालय के पशु चिकित्सक की संबद्धता दिखाकर महज खानापूर्ति की गई है। बुंदेलखंड पैकेज से निर्माणाधीन प्रयोगशाला कक्ष सात माह गुजर जाने के बाद अधूरी है। मीटिंग कक्ष भी पैकेज से बनाया जा रहा है। समाजसेवी माता प्रसाद मिश्र, किसान राजा मिश्रा (माधव ताला), राजा (डांड़ी) आदि ने बताया कि फतेहगंज में तैनात फार्मेसिस्ट को ग्रामीणों ने बुंदेलखंड पैकेज से मिला पशु अस्पताल का सामान बेचते पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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फतेहगंज पशु चिकित्साधिकारी डा.राजेश सिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते काम प्रभावित हुआ।
खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू आदि के टीकाकरण से संबंधित वैक्सीन अतर्रा पशु चिकित्सालय को प्राप्त हो चुकी है। 15 मई से जुलाई माह तक घर-घर जाकर मवेशियों का टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। समाजसेवी माता प्रसाद, सुशील चौरिहा आदि ने तत्काल पशु चिकित्सक तैनाती की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अविनाशचंद्र कमल ने कहा है कि प्रयोगशाला व मीटिंग कक्ष निर्माण में अनियमितता मिलने पर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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