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कागजों में साफ हो गए नाले
Banda
Updated Mon, 23 Jun 2014 05:32 AM IST
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75 फीसदी नालों की सफाई का दावा, प्रशासन को भेजे मनमाफिक आंकड़े
बांदा। बारिश नजदीक आने के बाद स्थानीय निकायों को नालों की सफाई की सुध आई है। कुछ नालों से निकली सिल्ट से फुटपाथों पर दलदल की स्थिति है। मजे की बात यह कि शहर व कस्बे के नाले बजबजा रहे हैं और जिम्मेदार 75 फीसदी नालों की सफाई का दावा कर रहे हैं। बता दें कि जनपद के सभी निकायों में कुल 29 हजार 560 मीटर लंबे 110 नाले हैं।
पूरे साल सिल्ट से पटे रहे नालों की सफाई तब शुरू कराई गई है जब बरसात का मौसम सिर पर है। मई में कागजी घोड़े दौड़े और 15 जून के बाद सफाई अभियान शुरू हुआ। सबसे ज्यादा 60 नाले बांदा शहर में हैं। इनकी लंबाई लगभग 22 हजार मीटर है। हर नाला कूड़ा कचरा से पटा है। ऐसे में बारिश हो गई तो जलभराव के हालात होना तय है। निकायों के नोडल अधिकारी की मानें तो मई से नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। बांदा में अब तक 21,100 मीटर लंबे 47 नाले साफ किए जा चुके हैं। अतर्रा में 1500 मीटर लंबे 15 नाले हैं। इनमें 660 मीटर लंबे सात नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। हकीकत इससे उलट है। नाले गंदगी से चोक पड़े हैं। उधर, नालों से निकालकर बाहर डाली गई सिल्ट पैदल राहगीरों की मुसीबत बनी है। इससे फुटपाथों पर दलदल के हालात हैं। ऐसे में अभी बारिश हो जाती है तो यह सिल्ट वापस नालों में चली जाएगी और लोगों को जलभराव की भयावह स्थिति से जूझना होगा। साथ ही चोक नाले भी भारी मुसीबत का कारण बनेंगे।
आंकड़ों के मुताबिक नगर पंचायत नरैनी में 1800 मीटर लंबे 15 नाले में 1500 मीटर 13 नाले साफ कर लिए गए हैं। बिसंडा में 750 मीटर लंबाई के चार नालों में से 570 मीटर लंबे तीन नालों की सफाई कराई जा चुकी है। ओरन में 1860 मीटर लंबे 6 नाले हैं। यहां 720 मीटर लंबे तीन नालों की सफाई हुई है। बबेरू में 850 मीटर लंबे 7 नाले हैं। इनमें 220 मीटर लंबाई के दो नाले साफ किए जा चुके हैं। तिंदवारी में 400 मीटर लंबे दो नालों में से मात्र एक नाला (200 मीटर) साफ हुआ है। मटौंध में 400 मीटर लंबा एक नाला है। इसकी सफाई नहीं हुई है।
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सभी 14 सफाई नायकों का वेतन रोका
बांदा। सफाई निरीक्षक एचएस निरंजन ने शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने पर सभी 14 सफाई नायकों का मई का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण में पालीथिन से नालियां जाम होने पर सफाई नायक केदारनाथ को सफाई कराने की हिदायत दी। कालूकुआं, चिल्ला रोड और बबेरू रोड में नालों के किनारे पड़ी सिल्ट तत्काल हटाने के निर्देश दिए। किसी वार्ड में गंदगी मिलने पर सफाई नायकों के विरुद्ध उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की हिदायत दी है। संकट मोचन रोड पर नगर पालिका सदस्य व ठेकेदार के बीच विवाद के चलते सफाई न होने पर दूसरे वार्ड के कर्मचारियों से काम लिया गया। वार्ड-6 व 9 के सदस्याें द्वारा ठेके पर रखे गए 4-4 कर्मचारी हटा दिए गए।
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बांदा। बारिश नजदीक आने के बाद स्थानीय निकायों को नालों की सफाई की सुध आई है। कुछ नालों से निकली सिल्ट से फुटपाथों पर दलदल की स्थिति है। मजे की बात यह कि शहर व कस्बे के नाले बजबजा रहे हैं और जिम्मेदार 75 फीसदी नालों की सफाई का दावा कर रहे हैं। बता दें कि जनपद के सभी निकायों में कुल 29 हजार 560 मीटर लंबे 110 नाले हैं।
पूरे साल सिल्ट से पटे रहे नालों की सफाई तब शुरू कराई गई है जब बरसात का मौसम सिर पर है। मई में कागजी घोड़े दौड़े और 15 जून के बाद सफाई अभियान शुरू हुआ। सबसे ज्यादा 60 नाले बांदा शहर में हैं। इनकी लंबाई लगभग 22 हजार मीटर है। हर नाला कूड़ा कचरा से पटा है। ऐसे में बारिश हो गई तो जलभराव के हालात होना तय है। निकायों के नोडल अधिकारी की मानें तो मई से नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। बांदा में अब तक 21,100 मीटर लंबे 47 नाले साफ किए जा चुके हैं। अतर्रा में 1500 मीटर लंबे 15 नाले हैं। इनमें 660 मीटर लंबे सात नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। हकीकत इससे उलट है। नाले गंदगी से चोक पड़े हैं। उधर, नालों से निकालकर बाहर डाली गई सिल्ट पैदल राहगीरों की मुसीबत बनी है। इससे फुटपाथों पर दलदल के हालात हैं। ऐसे में अभी बारिश हो जाती है तो यह सिल्ट वापस नालों में चली जाएगी और लोगों को जलभराव की भयावह स्थिति से जूझना होगा। साथ ही चोक नाले भी भारी मुसीबत का कारण बनेंगे।
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आंकड़ों के मुताबिक नगर पंचायत नरैनी में 1800 मीटर लंबे 15 नाले में 1500 मीटर 13 नाले साफ कर लिए गए हैं। बिसंडा में 750 मीटर लंबाई के चार नालों में से 570 मीटर लंबे तीन नालों की सफाई कराई जा चुकी है। ओरन में 1860 मीटर लंबे 6 नाले हैं। यहां 720 मीटर लंबे तीन नालों की सफाई हुई है। बबेरू में 850 मीटर लंबे 7 नाले हैं। इनमें 220 मीटर लंबाई के दो नाले साफ किए जा चुके हैं। तिंदवारी में 400 मीटर लंबे दो नालों में से मात्र एक नाला (200 मीटर) साफ हुआ है। मटौंध में 400 मीटर लंबा एक नाला है। इसकी सफाई नहीं हुई है।
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सभी 14 सफाई नायकों का वेतन रोका
बांदा। सफाई निरीक्षक एचएस निरंजन ने शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने पर सभी 14 सफाई नायकों का मई का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण में पालीथिन से नालियां जाम होने पर सफाई नायक केदारनाथ को सफाई कराने की हिदायत दी। कालूकुआं, चिल्ला रोड और बबेरू रोड में नालों के किनारे पड़ी सिल्ट तत्काल हटाने के निर्देश दिए। किसी वार्ड में गंदगी मिलने पर सफाई नायकों के विरुद्ध उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की हिदायत दी है। संकट मोचन रोड पर नगर पालिका सदस्य व ठेकेदार के बीच विवाद के चलते सफाई न होने पर दूसरे वार्ड के कर्मचारियों से काम लिया गया। वार्ड-6 व 9 के सदस्याें द्वारा ठेके पर रखे गए 4-4 कर्मचारी हटा दिए गए।