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बेटियों के लिए दो पिता आमरण अनशन पर
Banda
Updated Tue, 25 Mar 2014 05:31 AM IST
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बांदा। बेटियों की बरामदगी के लिए दो पिता आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। एक के साथ उसकी पत्नी भी भूख हड़ताल पर है। दोनों ही मामलों में पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप हैं।
सोमवार को स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट एक बार फिर आमरण अनशन स्थल नजर आया। गिरवां थाना क्षेत्र निवासी दंपति ने अनशन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि 6 फरवरी को उनकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री को गांव के अय्यूब, राजू, आंगनबाड़ी सविता तथा अंशु गुप्ता बहला-फुसलाकर ले गए। अब अंशू से शादी का दबाव बनाया जा रहा है। आरोपी उन्हेें धौंस धमकी दे रहे हैं। थाने में उनसे सादे कागजों में दस्तखत करा लिए गए। पीड़ित पिता के साथ उसके साथ दो मासूम बच्चे भी अनशन स्थल पर डटे हैं।
दूसरा मामला भी गिरवां थाना क्षेत्र का है। थाना क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने भी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह फरवरी में भी आमरण अनशन पर बैठा था। तब अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर अनशन खत्म करा दिया था। पीड़ित का कहना है कि उसकी पुत्री को 23 जनवरी को गांव के संजय आरख, बब्लू आरख और नंदू आरख अपहृत कर ले गए हैं। अब वह अनशन तभी खत्म करेगा जब बेटी बरामद हो जाएगी।
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सोमवार को स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट एक बार फिर आमरण अनशन स्थल नजर आया। गिरवां थाना क्षेत्र निवासी दंपति ने अनशन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि 6 फरवरी को उनकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री को गांव के अय्यूब, राजू, आंगनबाड़ी सविता तथा अंशु गुप्ता बहला-फुसलाकर ले गए। अब अंशू से शादी का दबाव बनाया जा रहा है। आरोपी उन्हेें धौंस धमकी दे रहे हैं। थाने में उनसे सादे कागजों में दस्तखत करा लिए गए। पीड़ित पिता के साथ उसके साथ दो मासूम बच्चे भी अनशन स्थल पर डटे हैं।
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दूसरा मामला भी गिरवां थाना क्षेत्र का है। थाना क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने भी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह फरवरी में भी आमरण अनशन पर बैठा था। तब अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर अनशन खत्म करा दिया था। पीड़ित का कहना है कि उसकी पुत्री को 23 जनवरी को गांव के संजय आरख, बब्लू आरख और नंदू आरख अपहृत कर ले गए हैं। अब वह अनशन तभी खत्म करेगा जब बेटी बरामद हो जाएगी।
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