फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   नेहरू जी ने डीएम को जड़ा था तमाचा

नेहरू जी ने डीएम को जड़ा था तमाचा

Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
Banda
Banda Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
सत्येंद्र श्रीवास्तव/पंकज शर्मा
विज्ञापन

बांदा। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर बांदावासियों कुछ अलग ही यादें संजोए हुए हैं। आजादी के पूर्व और आजादी के बाद नेहरू जी की यहां आमद पर हुई कुछ घटनाएं आज भी बुजुर्गों के दिल-दिमाग में बसी हुई हैं। पहली बार नेहरू जी बांदा आए तो अंग्रेज समर्थक दल ने उन्हें काले झंडे दिखाए। स्वतंत्रता के बाद बांदा आए नेहरू जी ने तत्कालीन जिलाधिकारी को तमाचा जड़ दिया था।
बुधवार (14 नवंबर) को जब सारा देश चाचा नेहरू को याद करेगा तभी बांदा से जुड़ी यादें भी कुछ लोगों की जुबां पर आ जाएंगी। यहां के बुजुर्ग इतिहासकार राधाकृष्ण बुंदेली बताते हैं कि पंडित नेहरू 1930, 1942 और 1952 में बांदा आए। 1930 में उन्होंने आर्य कन्या विद्यालय मैदान में सभा की थी। 1942 में ज्वाला सिंह और गोपीकृष्ण आजाद के आग्रह पर यहां आए और कुंवर हर प्रसाद की कोठी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक संबोधित की थी। सितंबर 1952 में नेहरू जी फिर बांदा आए। वह महेश्वरी देवी चौक पर लोगों से मिल रहे थे। इसी बीच तत्कालीन जिलाधिकारी केएन चन्ना ने उनसे मिल रहे लोगों को रोकना चाहा। इस पर नेहरू जी बिगड़ गए और नाराज होकर जिलाधिकारी को एक तमाचा जड़ दिया। बुंदेली बताते हैं कि नेहरू जी को बांदा से काफी लगाव था।
विज्ञापन

पूर्व मंत्री और बुजुर्ग नेता जमुना प्रसाद बोस बताते हैं कि 1937 में लोकसभा चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी केशव चौधरी के समर्थन में नेहरू जी बांदा आए थे। तब उन्हें ‘अमन सभा’ ने काले झंडे दिखाए थे। अमन सभा अंग्रेज समर्थक दल था। बकौल बोस जी मन्नूलाल अवस्थी इस दल के प्रत्याशी थे। रामलीला मैदान में चुनावी जनसभा के दौरान अमन सभा कार्यकर्ताओं ने नेहरू जी को काले झंडे दिखाए। बोस जी बताते हैं कि 1952 में वह चौथी कक्षा में पढ़ रहे थे तभी नेहरू जी कानपुर आए थे। वह स्कूल से उनकी सभा सुनने चले गए। नेहरू जी तिलक हाल में नेहरू तख्त पर थे और मैं (बोस जी) फर्श पर थे। घर पहुंचने में देरी हो गई तो घर के लोग परेशान हो गए। बोस जी बताते हैं कि नेहरू जी की हर बात अच्छी थी। पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद ने बताया 1952 में बांदा के अवस्थी पार्क में नेहरू जी ने जनसभा को संबोधित किया था। तब पूरे शहर में बैलगाड़ियों का काफिला निकाला गया था। श्री रामेश्वर ने बताया कि वह दो बार दिल्ली में नेहरू जी से मिले। नेहरू जी ने उन्हें प्रशंसा पत्र दिया था। उनके व्यक्तित्व में तेज था आधुनिक भारत की आधारशिला नेहरू जी ने रखी। पंचायतराज की स्थापना उन्हीं ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed