बुंदेलखंडी भी कम नहीं हैं बहादुरी दिखाने में

Banda Updated Sun, 21 Oct 2012 12:00 PM IST
बांदा। कर्तव्य वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस के जांबाज जवान बुंदेलखंड में भी किसी से कम नहीं रहे। रविवार (21 अक्तूबर) को पुलिस स्मृति दिवस पर यादें फिर ताजा होंगी।
वैसे तो समूचे प्रदेश में सैकड़ों पुलिसकर्मी कर्तव्य वेदी पर जान लुटा चुके हैं। बुंदेलखंड में भी इनकी तादाद तकरीबन आधा सैकड़ा से ज्यादा है। इनमें 40 उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) और 26 जवान (कांस्टेबिल) शामिल हैं। 1943 से लेकर जून 2002 तक ये पुलिसकर्मी देश के काम आए।
उल्लेखनीय है कि 21 अक्तूबर 1959 को भारत की उत्तर सीमा लद्दाख में 15 हजार ऊंचे बर्फीले पहाड़ पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस के जवान गश्त पर थे। तभी चीनी सैनिकों ने छल पूर्वक एंबुश लगाकर इन जवानों को घेर लिया। भारतीय जवान उनसे भिड़ गए। लेकिन भारतीय जवान साधारण शस्त्रों से लैस थे जबकि चीनी जवान स्वचलित राइफलों और मोर्टारों से लैस थे। चीनी जवानों के हमले में भारतीय जवान शहीद हो गए। उसी दिन से हर वर्ष 21 अक्तूबर को पूरे देश में पुलिस शहीद दिवस के रूप में मनाती है। इसे स्मृति दिवस भी कहा जाता है।
रविवार को यह दिवस मनाया जाएगा। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय बांदा स्थित पुलिस लाइन में शहीद दिवस मनाने की तैयारी है। परिसर में स्थित शहीद स्मारक को साफ कर रंग रोेगन किया गया है। सुबह 8 बजे यहां अधिकारी शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाले के तीसरे केस में लालू यादव दोषी करार, दोपहर 2 बजे बाद होगा सजा का ऐलान

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी पुलिस की हैवानियत का चेहरा, पिटाई की वजह से पेट में ही बच्चे की मौत

बांदा जिले की एक महिला ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये है। महिला का कहना है कि उसके पति को गिरफ्तार करने आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से महिला का तीन माह का गर्भ गिर गया।

19 जनवरी 2018