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अष्टमी पर अठवाईं चढ़ाई, पूजा कर आरती गाई
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8th climb on Ashtami, worshiped and sang aarti
- फोटो : BANDA
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बांदा। नवरात्र की अष्टमी पर बुधवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं ने अठवाईं चढ़ाई और विधिवत पूजा-अर्चना की। जलाभिषेक की भी होड़ रही। मंदिरों से लेकर घरों तक कन्या भोज के आयोजन हुए। हालांकि कोविड-19 गाइड लाइन के तहत कन्याओं को इकट्ठा नहीं किया गया। उधर, देवी पंडालों में भी श्रद्धालुओं का देर रात तक तांता लगा रहा।
शहर की प्रमुख महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु रहे। महिलाओं की संख्या अधिक थी। यहां अठवाईं में पान-बतासा, सुपारी, चुनरी आदि चढ़ाकर पूजन किया। मन्नत पूरी होने पर तमाम श्रद्धालुओं ने बकरे की प्रतीकात्मक बलि चढ़ाई। कालका, सिंहवाहिनी, मरही माता, चौसठ जोगिनी आदि मंदिरों में भी भीड़ रही। ग्रामीण इलाकों से भक्तों के जत्थे ढोलक-मंझीरों के साथ उमाह गीत गाते हुए देवी मंदिर पहुंचे।
सांगों का प्रदर्शन हुआ। उधर, नवरात्र की अष्टमी और नवमी को लेकर पंडाल आयोजकों में आकर्षक झांकी सजाने की होड़ रही। पंडाल के आसपास का इलाका रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता रहा। देर रात तक श्रद्धालु यहां दर्शन को आते रहे।
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बबेरू संवाद के मुताबिक मढ़ी दाई मंदिर में सर्वाधिक श्रद्धालु जुटे। बांकल गांव की जोगिनी देवी मंदिर में मेला सा नजारा रहा। खत्री पहाड़ संवाद के मुताबिक विंध्यवासिनी मंदिर में बड़ी संख्या में आस्थावानों की भीड़ उमड़ती रही। कमोवेश यही स्थित जिलेभर के देवी मंदिरों में रही।
पुराने मार्ग से गुजरेगा विसर्जन जुलूस
बांदा। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस शनिवार (16 अक्तूबर) को निकलेगा। यह अपने पुराने मार्गों से होकर गुजरेगा। केंद्रीय दुर्गा महोत्सव समिति के अमित सेठ भोलू ने बताया कि प्रात: 10 बजे बलखंडी नाका स्थित श्रीधाम से टोकन वितरित किए जाएंगे। कोरोना के चलते प्रतिमाओं के बीच की दूरी कम से कम 10 मीटर रहेगी। मास्क लगाना जरूरी है। तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजाए जा सकेंगे।
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शहर की प्रमुख महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु रहे। महिलाओं की संख्या अधिक थी। यहां अठवाईं में पान-बतासा, सुपारी, चुनरी आदि चढ़ाकर पूजन किया। मन्नत पूरी होने पर तमाम श्रद्धालुओं ने बकरे की प्रतीकात्मक बलि चढ़ाई। कालका, सिंहवाहिनी, मरही माता, चौसठ जोगिनी आदि मंदिरों में भी भीड़ रही। ग्रामीण इलाकों से भक्तों के जत्थे ढोलक-मंझीरों के साथ उमाह गीत गाते हुए देवी मंदिर पहुंचे।
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सांगों का प्रदर्शन हुआ। उधर, नवरात्र की अष्टमी और नवमी को लेकर पंडाल आयोजकों में आकर्षक झांकी सजाने की होड़ रही। पंडाल के आसपास का इलाका रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता रहा। देर रात तक श्रद्धालु यहां दर्शन को आते रहे।
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बबेरू संवाद के मुताबिक मढ़ी दाई मंदिर में सर्वाधिक श्रद्धालु जुटे। बांकल गांव की जोगिनी देवी मंदिर में मेला सा नजारा रहा। खत्री पहाड़ संवाद के मुताबिक विंध्यवासिनी मंदिर में बड़ी संख्या में आस्थावानों की भीड़ उमड़ती रही। कमोवेश यही स्थित जिलेभर के देवी मंदिरों में रही।
पुराने मार्ग से गुजरेगा विसर्जन जुलूस
बांदा। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस शनिवार (16 अक्तूबर) को निकलेगा। यह अपने पुराने मार्गों से होकर गुजरेगा। केंद्रीय दुर्गा महोत्सव समिति के अमित सेठ भोलू ने बताया कि प्रात: 10 बजे बलखंडी नाका स्थित श्रीधाम से टोकन वितरित किए जाएंगे। कोरोना के चलते प्रतिमाओं के बीच की दूरी कम से कम 10 मीटर रहेगी। मास्क लगाना जरूरी है। तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजाए जा सकेंगे।