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सीडीओ ने दी सभी बीडीओ को चेतावनी नोटिस
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:07 AM IST
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सीडीओ ने दी खंड विकास अधिकारियों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मनरेगा से कराए गए कार्यों की जीओ टैगिंग कराने में खंड विकास अधिकारी फिसड्डी हैं। जिले के आठों ब्लाकाें में सचिव और प्रधानों ने इस वित्तीय वर्ष में 1541 कार्य पूरे कराए हैं, लेकिन सिर्फ 117 की जीओ टैगिंग हो सकी है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया है। 30 के अंदर कार्यों की 100 फीसदी जीओ टैगिंग कराने के आदेश दिए हैं।
सीडीओ रामकुमार सिंह ने कहा है कि 18 अगस्त को मनरेगा उपायुक्त ने अवगत कराया कि मनरेगा से इस वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों की जीओ टैगिंग की स्थिति बेहद खराब है। 21 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 1541 काम पूरे कराए गए हैं। इनमें महज 117 की जीओ टैगिंग हुई है। बबेरू ब्लाक में मनरेगा से 360 कराए गए।
इनमें 347 कार्य पूर्ण हैं। इनमें महज छह कार्यों की जीओ टैगिंग हुई है। यह महज 1.73 फीसदी है। बड़ोखर ब्लाक में 72 कार्यों में 24, बिसंडा में 141 में 18, जसपुरा में 70 में 0, महुआ में 364 में 27, नरैनी में 456 में 8 और तिंदवारी विकास खंड में 78 कार्यों में 34 की जीओ टैगिंग हुई है।
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कमासिन ब्लाक में इस साल एक भी काम नहीं कराए गए और न ही जीओ टैगिंग हुई। सभी ब्लाकों में अभी 1368 कार्यों की जीओ टैगिंग की जानी है। सीओ ने कहा है कि बीडीओ इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में जनपद प्रदेश स्तर पर सबसे खराब प्रगति वाले जिलों में शुमार है। इससे छवि धूमिल हुई है। चेतावनी नोटिस में कहा कि एक सप्ताह में 100 फीसदी जीओ टैगिंग न हुई तो बीडीओ जिम्मेदार होंगे।
मनरेगा के 1485 कार्यों में 117 की जीओ टैगिंग
सप्ताह भर में पूरा करना होगा जीओ टैगिंग का लक्ष्य
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मनरेगा से कराए गए कार्यों की जीओ टैगिंग कराने में खंड विकास अधिकारी फिसड्डी हैं। जिले के आठों ब्लाकाें में सचिव और प्रधानों ने इस वित्तीय वर्ष में 1541 कार्य पूरे कराए हैं, लेकिन सिर्फ 117 की जीओ टैगिंग हो सकी है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया है। 30 के अंदर कार्यों की 100 फीसदी जीओ टैगिंग कराने के आदेश दिए हैं।
सीडीओ रामकुमार सिंह ने कहा है कि 18 अगस्त को मनरेगा उपायुक्त ने अवगत कराया कि मनरेगा से इस वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों की जीओ टैगिंग की स्थिति बेहद खराब है। 21 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 1541 काम पूरे कराए गए हैं। इनमें महज 117 की जीओ टैगिंग हुई है। बबेरू ब्लाक में मनरेगा से 360 कराए गए।
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इनमें 347 कार्य पूर्ण हैं। इनमें महज छह कार्यों की जीओ टैगिंग हुई है। यह महज 1.73 फीसदी है। बड़ोखर ब्लाक में 72 कार्यों में 24, बिसंडा में 141 में 18, जसपुरा में 70 में 0, महुआ में 364 में 27, नरैनी में 456 में 8 और तिंदवारी विकास खंड में 78 कार्यों में 34 की जीओ टैगिंग हुई है।
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कमासिन ब्लाक में इस साल एक भी काम नहीं कराए गए और न ही जीओ टैगिंग हुई। सभी ब्लाकों में अभी 1368 कार्यों की जीओ टैगिंग की जानी है। सीओ ने कहा है कि बीडीओ इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में जनपद प्रदेश स्तर पर सबसे खराब प्रगति वाले जिलों में शुमार है। इससे छवि धूमिल हुई है। चेतावनी नोटिस में कहा कि एक सप्ताह में 100 फीसदी जीओ टैगिंग न हुई तो बीडीओ जिम्मेदार होंगे।
मनरेगा के 1485 कार्यों में 117 की जीओ टैगिंग
सप्ताह भर में पूरा करना होगा जीओ टैगिंग का लक्ष्य