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स्वच्छता मिशन में दो ग्राम पंचायतें पुरस्कार को चयनित
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो गईं दो ग्राम पंचायतों को सशक्तीकरण पुरस्कार योजना में चुना गया है। इन्हें पुरस्कार के रूप में 4 से 6 लाख रुपये मिलेंगे। निदेशालय की टीम ने शुक्रवार को यहां दोनों गांव का सत्यापन किया।
केंद्र सरकार ने स्वच्छता मिशन के तहत सफाई और खुले में शौच मुक्त हो गईं ग्राम पंचायतों को पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार के तहत पुरस्कृत करने की योजना लागू की है। बांदा जनपद की दो ग्राम पंचायतों सिंधन कलां (जसपुरा) और परसौड़ा (तिंदवारी ब्लाक) को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इन गांवों के लिए पंचायतीराज निदेशालय ने सत्यापन के लिए टीमें भेजी हैं। टीम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक अवनीश कटियार और डिविजनल प्रोजेक्ट कंसलटेंट अभिषेक चौहान ने शुक्रवार को पहले विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में दोनों गांवों के स्वच्छता मिशन से संबंधित अभिलेख देखे। दोपहर में गांवों में जाकर 43 बिंदुओं पर जांच की। सत्यापन के बाद टीम लखनऊ वापस लौट गई।
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अवनीश कटियार ने बताया कि यह रिपोर्ट निदेशालय के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। मानकों में खरी उतरीं तो दोनों ग्राम पंचायतों को 4 से 6 लाख रुपये दिए जाएंगे। उधर, उप निदेशक पंचायतीराज दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि गांवों की तर्ज पर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को भी यह पुरस्कार दिया जाना है। स्वच्छता पर खरी उतरने वाली ब्लाकों को 12-12 लाख और जिला पंचायत को 20-25 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
-सिंधन व परसौड़ा को मिलेंगी 4 से 6 लाख रुपये
-निदेशालय की टीम ने दोनों गांवों का किया सत्यापन
-सफाई और खुले में शौच मुक्त होने पर पुरस्कार
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बांदा। खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो गईं दो ग्राम पंचायतों को सशक्तीकरण पुरस्कार योजना में चुना गया है। इन्हें पुरस्कार के रूप में 4 से 6 लाख रुपये मिलेंगे। निदेशालय की टीम ने शुक्रवार को यहां दोनों गांव का सत्यापन किया।
केंद्र सरकार ने स्वच्छता मिशन के तहत सफाई और खुले में शौच मुक्त हो गईं ग्राम पंचायतों को पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार के तहत पुरस्कृत करने की योजना लागू की है। बांदा जनपद की दो ग्राम पंचायतों सिंधन कलां (जसपुरा) और परसौड़ा (तिंदवारी ब्लाक) को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
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इन गांवों के लिए पंचायतीराज निदेशालय ने सत्यापन के लिए टीमें भेजी हैं। टीम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक अवनीश कटियार और डिविजनल प्रोजेक्ट कंसलटेंट अभिषेक चौहान ने शुक्रवार को पहले विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में दोनों गांवों के स्वच्छता मिशन से संबंधित अभिलेख देखे। दोपहर में गांवों में जाकर 43 बिंदुओं पर जांच की। सत्यापन के बाद टीम लखनऊ वापस लौट गई।
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अवनीश कटियार ने बताया कि यह रिपोर्ट निदेशालय के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। मानकों में खरी उतरीं तो दोनों ग्राम पंचायतों को 4 से 6 लाख रुपये दिए जाएंगे। उधर, उप निदेशक पंचायतीराज दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि गांवों की तर्ज पर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को भी यह पुरस्कार दिया जाना है। स्वच्छता पर खरी उतरने वाली ब्लाकों को 12-12 लाख और जिला पंचायत को 20-25 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
-सिंधन व परसौड़ा को मिलेंगी 4 से 6 लाख रुपये
-निदेशालय की टीम ने दोनों गांवों का किया सत्यापन
-सफाई और खुले में शौच मुक्त होने पर पुरस्कार