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महानगरों से आए 54 लोगों ने कराई जांच
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बांदा। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में बुधवार को दूसरे राज्यों से आने वाले सौ से अधिक लोगों की जांच हुई, लेकिन किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज (नरैनी रोड) में बुधवार को सर्दी, जुकाम व बुखार के 54 मरीजों ने अपनी जांच कराई। सभी को उपचार कर घर भेज दिया गया।
उधर, मेडिकल कालेज में शासन के निर्देश पर कोरोना मरीजों के लिए 20 बेड का अलग से एक और वार्ड तैयार किया जा रहा है। दूसरी तरफ यहां भर्ती मरीजों को 15 दिन की दवा देकर छुट्टी दे दी गई। प्रधानाचार्य डा.मुकेश यादव ने बताया कि लॉकडाउन से मरीज नहीं आए।
उधर, जिला अस्पताल में ओपीडी बंद होने पर बुधवार को करीब 400 मरीजों ने इमर्जेंसी में दिखाकर इलाज कराया। ट्रामा सेंटर के चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने बताया कि महानगरों से आने वाले लगभग 50 लोगों का परीक्षण हुआ। इनमें अधिकांश को जुकाम-खांसी और बुखार जैसी मौसमी बीमारी के लक्षण पाए गए। कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला। उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
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लॉकडाउन ने प्राइवेट अस्पतालों (नर्सिंग होम) में भी सन्नाटा पसार दिया है। घर से निकलने के प्रतिबंध के चलते मामूली मरीज यहां नहीं पहुंच रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के निर्देश पर नर्सिंग होम की सभी ओपीडी बंद चल रही हैं।
उधर, लॉक डाउन से नर्सिंग होम और सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदार भी परेशान हैं। तीमारदार अस्पतालों से बाहर न निकल पाने से अपने खाने-पीने का इंतजाम नहीं कर पा रहे। उधर, शहर के रफीक नर्सिंगहोम में संचालक डा.मोहम्मद रफीक मरीजों को दोनों समय खिचड़ी आदि और उनके तीमारदारों को पूड़ी-सब्जी मुफ्त मुहैया करा रहे हैं।
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उधर, मेडिकल कालेज में शासन के निर्देश पर कोरोना मरीजों के लिए 20 बेड का अलग से एक और वार्ड तैयार किया जा रहा है। दूसरी तरफ यहां भर्ती मरीजों को 15 दिन की दवा देकर छुट्टी दे दी गई। प्रधानाचार्य डा.मुकेश यादव ने बताया कि लॉकडाउन से मरीज नहीं आए।
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उधर, जिला अस्पताल में ओपीडी बंद होने पर बुधवार को करीब 400 मरीजों ने इमर्जेंसी में दिखाकर इलाज कराया। ट्रामा सेंटर के चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने बताया कि महानगरों से आने वाले लगभग 50 लोगों का परीक्षण हुआ। इनमें अधिकांश को जुकाम-खांसी और बुखार जैसी मौसमी बीमारी के लक्षण पाए गए। कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला। उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
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लॉकडाउन ने प्राइवेट अस्पतालों (नर्सिंग होम) में भी सन्नाटा पसार दिया है। घर से निकलने के प्रतिबंध के चलते मामूली मरीज यहां नहीं पहुंच रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के निर्देश पर नर्सिंग होम की सभी ओपीडी बंद चल रही हैं।
उधर, लॉक डाउन से नर्सिंग होम और सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदार भी परेशान हैं। तीमारदार अस्पतालों से बाहर न निकल पाने से अपने खाने-पीने का इंतजाम नहीं कर पा रहे। उधर, शहर के रफीक नर्सिंगहोम में संचालक डा.मोहम्मद रफीक मरीजों को दोनों समय खिचड़ी आदि और उनके तीमारदारों को पूड़ी-सब्जी मुफ्त मुहैया करा रहे हैं।