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खनिज संपदा बचाएं इंजिनियरिंग छात्र
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बांदा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रही अमेजिंग टेक्नोलॉजीज फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल इंपैक्ट इन इंडिया वर्कशाप के चौथे दिन छात्रों से अपने ज्ञान का प्रयोग कर खनिज संपदा को बचाने के लिए नए तरीके ईजाद करने का आह्वान किया गया।
गुरुवार को कार्यक्रम का शुभारंभ डीजी पीजी डॉ. आशुतोष तिवारी व टिक्यूप कोआर्डिनेटर डॉ. अनुराग चौहान ने किया। एमएमएमयूटी गोरखपुर के प्रो. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि देश में खनिज पदार्थों की मात्रा प्रतिदिन कम होती जा रही है। इसको बचाने के लिए अपने तरीके ईजाद करें। बिजली बचाने के नुस्खे साझा किए।
वर्ष 2022 तक एक लाख सोलर मेगावाट का पावर प्लांट स्थापित करने की सरकार की योजना में योगदान देने के लिए आगे आने को कहा। बीआईआईटी, झांसी के प्रो. संजय अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा तकनीक को सीखना चाहिए। निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला ने सभी को धन्यवाद दिया। सेमिनार का संचालन इलेक्ट्रिकल्स विभाग प्रथम वर्ष के पारस तिवारी ने किया। डॉ. मनोज सिंह, डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, कमलेश गौतम आदि छात्र- छात्राएं मौजूद रहे।
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गुरुवार को कार्यक्रम का शुभारंभ डीजी पीजी डॉ. आशुतोष तिवारी व टिक्यूप कोआर्डिनेटर डॉ. अनुराग चौहान ने किया। एमएमएमयूटी गोरखपुर के प्रो. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि देश में खनिज पदार्थों की मात्रा प्रतिदिन कम होती जा रही है। इसको बचाने के लिए अपने तरीके ईजाद करें। बिजली बचाने के नुस्खे साझा किए।
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वर्ष 2022 तक एक लाख सोलर मेगावाट का पावर प्लांट स्थापित करने की सरकार की योजना में योगदान देने के लिए आगे आने को कहा। बीआईआईटी, झांसी के प्रो. संजय अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा तकनीक को सीखना चाहिए। निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला ने सभी को धन्यवाद दिया। सेमिनार का संचालन इलेक्ट्रिकल्स विभाग प्रथम वर्ष के पारस तिवारी ने किया। डॉ. मनोज सिंह, डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, कमलेश गौतम आदि छात्र- छात्राएं मौजूद रहे।
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