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केन-बेतवा से जरूरी है मंदाकिनी-नर्मदा लिंक
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:48 PM IST
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बांदा। बुंदेली सेना का कहना है कि केन-बेतवा गठजोड़ से पहले मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ा जाना जरूरी है। दलील दी कि मंदाकिनी नदी नर्मदा से जुड़ गई तो इसका प्रदूषण खत्म हो जाएगा। श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
बुंदेली सेना जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने इस बारे में प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि सती अनुसुइया के तपोबल से निकली मंदाकिनी नदी प्रदूषित हो गई है। दिनों दिन इसकी जलधारा सिकुड़ती और सिमटती जा रही है।
गर्मी के मौसम में यह कई स्थानों पर सूख जाती है। दूसरी तरफ बारिश के दिनों में बाढ़ से उफना जाती है। इससे नदी किनारे आबाद गांवों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नदी जोड़ो योजना में शामिल कर मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ दे तो न केवल दर्जनों गांवों में पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था होगा, बल्कि धर्म नगरी में हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को भी फायदा पहुंचेगा।
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पूरे वर्ष नदी में हेड से टेल तक पानी रहेगा। बहाव बढ़ जाने पर मंदाकिनी का प्रदूषण भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि भागीरथ बनकर मंदाकिनी नदी का उद्धार करें। केन-बेतवा के साथ इसे भी शामिल करें। उन्होंने बताया कि यह पत्र उन्होंने महोबा में प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के माध्यम से पिछले दिनों प्रधानमंत्री को भेजा था।
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बुंदेली सेना जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने इस बारे में प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि सती अनुसुइया के तपोबल से निकली मंदाकिनी नदी प्रदूषित हो गई है। दिनों दिन इसकी जलधारा सिकुड़ती और सिमटती जा रही है।
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गर्मी के मौसम में यह कई स्थानों पर सूख जाती है। दूसरी तरफ बारिश के दिनों में बाढ़ से उफना जाती है। इससे नदी किनारे आबाद गांवों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नदी जोड़ो योजना में शामिल कर मंदाकिनी को नर्मदा से जोड़ दे तो न केवल दर्जनों गांवों में पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था होगा, बल्कि धर्म नगरी में हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को भी फायदा पहुंचेगा।
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पूरे वर्ष नदी में हेड से टेल तक पानी रहेगा। बहाव बढ़ जाने पर मंदाकिनी का प्रदूषण भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि भागीरथ बनकर मंदाकिनी नदी का उद्धार करें। केन-बेतवा के साथ इसे भी शामिल करें। उन्होंने बताया कि यह पत्र उन्होंने महोबा में प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के माध्यम से पिछले दिनों प्रधानमंत्री को भेजा था।