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मंडल में 51,837 मवेशी घूम रहे छुट्टा
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बांदा के खुरहंड गांव की गोशाला में मवेशियों की दुर्दशा।
- फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान और किसानों को ही इसका पायलट प्रोजेक्ट बनाकर कोर्ट में पेश करने के आदेश से किसानों में नई उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट अगली सुनवाई 30 मार्च को करेगा। उधर, चित्रकूटधाम मंडल में अभी भी 51 हजार 837 मवेशी छुट्टा घूमने की बात पशुपालन विभाग ने स्वीकारी है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मंडल के 1164 गोशालाओं में 1,64,233 अन्ना मवेशी संरक्षित हैं। जबकि लक्ष्य 2,16,070 का था। यानी एक चौथाई पशु गोशाला नहीं पहुंचे। मंडल की गोशालाओं में 482 मवेशियों की मौत हो चुकी है।
बुंदेलखंड किसान यूनियन की जनहित याचिका पर गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने बुंदेलखंड में छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात दिलाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की योजना तैयार करने की गेंद किसानों के ही पाले में डाल दी। हाईकोर्ट ने रिट दायर करने वाले किसानों से कहा है कि इसके लिए वह पायलट प्रोजेक्ट बनाकर लाएं। हाईकोर्ट उसे लागू कराएगा।
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पूरे बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा से तबाह हो रहे किसानों में हाईकोर्ट के इस रुख ने नई उम्मीद जगाई है। हाईकोर्ट इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 30 मार्च को करेगा। उधर, चित्रकूटधाम मंडल में अभी भी किसान अन्ना मवेशियों से जूझ रहे हैं। पशु पालन विभाग के आंकड़े इसके गवाह हैं कि तमाम दावों के बावजूद मौजूदा समय में मंडल
के चारों जिलों में 51,837 मवेशी छुट्टा हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मंडल में 2,16,070 अन्ना पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित किए जाने का लक्ष्य था। लेकिन चारों जिलों की 1164 गो आश्रय स्थलों में कुल 1,64,233 पशु ही संरक्षित बताए गए हैं। यानी लक्ष्य का एक चौथाई (24 फीसदी) पशु सड़कों पर हैं।
भूख-ठंड से मरते रहे मवेशी, 87.77 करोड़ हो गए खर्च
बांदा। गोशालाओं में चारा-पानी, टिन शेड आदि की व्यवस्थाएं न होने से बीते दिनों में ठंड और भूख-प्यास आदि से बड़ी संख्या में अन्ना मवेशियों की मौत की खबरें लगातार आती रहीं। दूसरी तरफ पशुपालन विभाग ने गोशालाओं में संरक्षित गोवंश पर फरवरी माह तक 87 करोड़ 77 लाख 82 हजार रुपये भरण पोषण के नाम पर खर्च कर दिए हैं। बांदा में 45.35 करोड़, चित्रकूट में 13.33 करोड़, महोबा में 12.76 करोड़ और हमीरपुर में 16.33 करोड़ खर्च बताए गए हैं।
हमीरपुर में 258 और बांदा में 150 मवेशियों की मौत
बांदा। मंडल में गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों की मौत मामले में पशुपालन विभाग चारों जिलों में सिर्फ 482 मौत ही स्वीकार रहा है। जबकि किसान और अन्य ग्रामीणों के मुताबिक यह आंकड़ा इससे कई गुना ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गोशालाओं में सर्वाधिक 258 मवेशियों की मौत हमीरपुर जनपद में हुई। बांदा में 150, महोबा 59 और चित्रकूट में 15 मवेशियों की मौत बताई गई है।
मात्र 7 फीसदी मवेशी ही दिए गए सुपुर्दगी में
बांदा। किसानों और पशुपालकों को पालन के लिए अन्ना मवेशी सुपुर्द करने की योजना मंडल में परवान नहीं चढ़ी। चारों जनपदों में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मात्र 15,399 मवेशियों को ही सुपुर्दगी में दिया गया है। इनमें चित्रकूट में 4215, हमीरपुर में 4029, बांदा में 3793 और महोबा में 3362 मवेशियों को सुपुर्दगी में दिया जाना बताया गया है। यह मंडल के कुल अन्ना मवेशियों के संरक्षण लक्ष्य का मात्र 7 फीसदी है।
खुरहंड की गोशाला में दो मवेशियों की मौत
अतर्रा। महुआ ब्लॉक के खुरहंड गांव स्थित अस्थायी गोशाला में दो मवेशियों की मौत हो गई। उनके शव दो दिन से यहां पड़े हैं। ग्रामीण राजा भैया, पप्पू सिंह, घनश्याम, रामखेलावन, राजू, मुन्ना आदि ने आरोप लगाया कि मवेशियों को चारा-भूसा की व्यवस्था नहीं है। मात्र सूखा पुआल ही उपलब्ध है। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
उधर, इस बाबत एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। मवेशियों के शव पड़े होने के साक्ष्य मिलने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रधान संगीता सिंह ने भी मवेशियों की मौत से अनभिज्ञता जताई है। जबकि सचिव लाला भैया ने कहा कि जानकारी मिल गई है, शव को हटवाया जा रहा है। इस गोशाला में कुल 175 मवेशी संरक्षित बताए गए हैं।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मंडल के 1164 गोशालाओं में 1,64,233 अन्ना मवेशी संरक्षित हैं। जबकि लक्ष्य 2,16,070 का था। यानी एक चौथाई पशु गोशाला नहीं पहुंचे। मंडल की गोशालाओं में 482 मवेशियों की मौत हो चुकी है।
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बुंदेलखंड किसान यूनियन की जनहित याचिका पर गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने बुंदेलखंड में छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात दिलाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की योजना तैयार करने की गेंद किसानों के ही पाले में डाल दी। हाईकोर्ट ने रिट दायर करने वाले किसानों से कहा है कि इसके लिए वह पायलट प्रोजेक्ट बनाकर लाएं। हाईकोर्ट उसे लागू कराएगा।
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पूरे बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा से तबाह हो रहे किसानों में हाईकोर्ट के इस रुख ने नई उम्मीद जगाई है। हाईकोर्ट इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 30 मार्च को करेगा। उधर, चित्रकूटधाम मंडल में अभी भी किसान अन्ना मवेशियों से जूझ रहे हैं। पशु पालन विभाग के आंकड़े इसके गवाह हैं कि तमाम दावों के बावजूद मौजूदा समय में मंडल
के चारों जिलों में 51,837 मवेशी छुट्टा हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मंडल में 2,16,070 अन्ना पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित किए जाने का लक्ष्य था। लेकिन चारों जिलों की 1164 गो आश्रय स्थलों में कुल 1,64,233 पशु ही संरक्षित बताए गए हैं। यानी लक्ष्य का एक चौथाई (24 फीसदी) पशु सड़कों पर हैं।
भूख-ठंड से मरते रहे मवेशी, 87.77 करोड़ हो गए खर्च
बांदा। गोशालाओं में चारा-पानी, टिन शेड आदि की व्यवस्थाएं न होने से बीते दिनों में ठंड और भूख-प्यास आदि से बड़ी संख्या में अन्ना मवेशियों की मौत की खबरें लगातार आती रहीं। दूसरी तरफ पशुपालन विभाग ने गोशालाओं में संरक्षित गोवंश पर फरवरी माह तक 87 करोड़ 77 लाख 82 हजार रुपये भरण पोषण के नाम पर खर्च कर दिए हैं। बांदा में 45.35 करोड़, चित्रकूट में 13.33 करोड़, महोबा में 12.76 करोड़ और हमीरपुर में 16.33 करोड़ खर्च बताए गए हैं।
हमीरपुर में 258 और बांदा में 150 मवेशियों की मौत
बांदा। मंडल में गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों की मौत मामले में पशुपालन विभाग चारों जिलों में सिर्फ 482 मौत ही स्वीकार रहा है। जबकि किसान और अन्य ग्रामीणों के मुताबिक यह आंकड़ा इससे कई गुना ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गोशालाओं में सर्वाधिक 258 मवेशियों की मौत हमीरपुर जनपद में हुई। बांदा में 150, महोबा 59 और चित्रकूट में 15 मवेशियों की मौत बताई गई है।
मात्र 7 फीसदी मवेशी ही दिए गए सुपुर्दगी में
बांदा। किसानों और पशुपालकों को पालन के लिए अन्ना मवेशी सुपुर्द करने की योजना मंडल में परवान नहीं चढ़ी। चारों जनपदों में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मात्र 15,399 मवेशियों को ही सुपुर्दगी में दिया गया है। इनमें चित्रकूट में 4215, हमीरपुर में 4029, बांदा में 3793 और महोबा में 3362 मवेशियों को सुपुर्दगी में दिया जाना बताया गया है। यह मंडल के कुल अन्ना मवेशियों के संरक्षण लक्ष्य का मात्र 7 फीसदी है।
खुरहंड की गोशाला में दो मवेशियों की मौत
अतर्रा। महुआ ब्लॉक के खुरहंड गांव स्थित अस्थायी गोशाला में दो मवेशियों की मौत हो गई। उनके शव दो दिन से यहां पड़े हैं। ग्रामीण राजा भैया, पप्पू सिंह, घनश्याम, रामखेलावन, राजू, मुन्ना आदि ने आरोप लगाया कि मवेशियों को चारा-भूसा की व्यवस्था नहीं है। मात्र सूखा पुआल ही उपलब्ध है। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
उधर, इस बाबत एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। मवेशियों के शव पड़े होने के साक्ष्य मिलने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रधान संगीता सिंह ने भी मवेशियों की मौत से अनभिज्ञता जताई है। जबकि सचिव लाला भैया ने कहा कि जानकारी मिल गई है, शव को हटवाया जा रहा है। इस गोशाला में कुल 175 मवेशी संरक्षित बताए गए हैं।

बांदा के खुरहंड गांव की अस्थायी गोशाला में खुले आसमान तले संरक्षित मवेशी। संवाद- फोटो : BANDA