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नरैनी और तिंदवारी से 439 क्वारंटीन घर भेजे गए
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नरैनी में क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद घरों को भेजे जा रहे मजदूर।
- फोटो : BANDA
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नरैनी/तिंदवारी। 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी हो जाने पर सोमवार को नरैनी और तिंदवारी से 439 मजदूरों को क्वारंटीन सेंटर से छुट्टी दे दी गई। प्रशासन ने उन्हें रोडवेज बसों से उनके गांव पहुंचा दिया। इनमें तिंदवारी के 331 और नरैनी के 108 मजदूर शामिल हैं। इन सभी से सोशल डिस्टेंसिंग, मॉस्क आदि के पालन का शपथ पत्र लिया गया है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र भी दिया है।
विभिन्न महानगरों से लौटे 108 प्रवासी मजदूरों को नरैनी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। इसके अलावा राजकुमार इंटर कालेज में भी 132 मजदूर रखे गए हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में रखे गए मजदूरों के सोमवार को 14 दिन पूरे हो गए। उन्हें रोडवेज बसों से उनके पैतृक गांव करतल, कालिंजर, सढ़ा, गिरवां, अतर्रा रोड आदि पहुंचा दिया गया।
उधर, तिंदवारी के तेरहीमाफी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 331 मजदूरों की भी छुट्टी कर दी गई। इन सभी की रविवार को 14 दिवसीय क्वारंटीन अवधि पूरी हो गई थी। घर जाने के लिए मजदूरों ने हंगामा मचाते हुए खाने का बहिष्कार कर दिया था। अंतत: सोमवार को इन सभी को सेंटर से छुट्टी दे दी गई। 151 मजदूरों को चार रोडवेज बसों से अतर्रा, नरैनी, बबेरू, कमासिन आदि क्षेत्रों में उनके गांव रवाना किया गया।
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इनके अलावा करीब 180 मजदूरों को उनके परिजन अपने वाहनों से ले गए। उधर, महोखर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रखे गए 24 मजदूरों को भी उनके घर भेज दिया गया। इसके अलावा पिपरगवां गांव में प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किए गए 25 मजदूर समयावधि पूरी होने के बाद किसी अधिकारी के न आने पर अपना शपथपत्र गांव में सौंपकर चले गए। लेखपाल श्रीपाल ने बताया कि इन सभी मजदूरों को घर में मॉस्क लगाने, सफाई से रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने का निर्देश देकर शपथ पत्र लिया गया है।
बीमार और एमपी के मजदूर अभी क्वारंटीन में
नरैनी। नायब तहसीलदार अभिनव तिवारी ने बताया कि खांसी-जुकाम के चलते तीन मजदूरों को सीएचसी में क्वारंटीन रखा गया था। उन्हें जिला अस्पताल जांच के लिए भेजा गया था। इनमें दो ने जांच करा ली। तीसरे ने नहीं कराई। इसे पुन: मंगलवार को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। इसके अलावा सीमावर्ती मध्य प्रदेश के 22 मजदूरों को अभी क्वारंटीन में रखा गया है।
क्वारंटीन मजदूरों को प्रमाणपत्र सौंपे
बांदा। राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने सोमवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जसपुरा क्वारंटीन सेंटर में मजदूरों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया कोविड-19 स्वास्थ्य प्रमाणपत्र सौंपा और मॉस्क भी दिया।
यहां 28 मजदूर थे। इन्हें प्रशासन ने रोडवेज बसों से उनके घरों को रवाना कर दिया गया। दूसरे जिले के मजदूरों को सादी मदनपुर गांव में बनाए गए गुलशने फात्मा इंटर कालेज क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। उधर, सांसद ने एकलव्य सेवा संस्थान की प्रबंधक/सचिव शकुंतला निषाद के साथ पैलानी डेरा, झंझरी पुरवा, तनगामऊ आदि में 500 मॉस्क बांटे।
बबेरू क्षेत्र से भी मजदूरों की विदाई
बबेरू। यहां जीआईसी में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन की अवधि पूरी हो जाने पर सोमवार को 77 मजदूरों को छुट्टी दे दी गई। एसडीएम महेंद्र प्रताप ने उन्हें स्वास्थ्य प्रमाणपत्र सौंपा। रोडवेज बसों से उन्हें घरों के लिए रवाना किया गया। इनमें 7 मजदूर चित्रकूट और एक फतेहपुर का भी है।
सभी को निर्देश दिए कि सोशल डिस्टेंस और मॉस्क आदि का पालन करें। उधर, जेपी शर्मा इंटर कालेज क्वारंटीन सेंटर से भी 18 मजदूरों को प्रमाणपत्र देने के बाद घर जाने दिया गया। राजकीय बालिका इंटर कालेज, लोहरा से 11 मजदूर घरों को भेजे गए। इस अवसर पर तहसीलदार विपिन कुमार उपस्थित रहे।
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विभिन्न महानगरों से लौटे 108 प्रवासी मजदूरों को नरैनी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। इसके अलावा राजकुमार इंटर कालेज में भी 132 मजदूर रखे गए हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में रखे गए मजदूरों के सोमवार को 14 दिन पूरे हो गए। उन्हें रोडवेज बसों से उनके पैतृक गांव करतल, कालिंजर, सढ़ा, गिरवां, अतर्रा रोड आदि पहुंचा दिया गया।
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उधर, तिंदवारी के तेरहीमाफी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 331 मजदूरों की भी छुट्टी कर दी गई। इन सभी की रविवार को 14 दिवसीय क्वारंटीन अवधि पूरी हो गई थी। घर जाने के लिए मजदूरों ने हंगामा मचाते हुए खाने का बहिष्कार कर दिया था। अंतत: सोमवार को इन सभी को सेंटर से छुट्टी दे दी गई। 151 मजदूरों को चार रोडवेज बसों से अतर्रा, नरैनी, बबेरू, कमासिन आदि क्षेत्रों में उनके गांव रवाना किया गया।
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इनके अलावा करीब 180 मजदूरों को उनके परिजन अपने वाहनों से ले गए। उधर, महोखर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रखे गए 24 मजदूरों को भी उनके घर भेज दिया गया। इसके अलावा पिपरगवां गांव में प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किए गए 25 मजदूर समयावधि पूरी होने के बाद किसी अधिकारी के न आने पर अपना शपथपत्र गांव में सौंपकर चले गए। लेखपाल श्रीपाल ने बताया कि इन सभी मजदूरों को घर में मॉस्क लगाने, सफाई से रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने का निर्देश देकर शपथ पत्र लिया गया है।
बीमार और एमपी के मजदूर अभी क्वारंटीन में
नरैनी। नायब तहसीलदार अभिनव तिवारी ने बताया कि खांसी-जुकाम के चलते तीन मजदूरों को सीएचसी में क्वारंटीन रखा गया था। उन्हें जिला अस्पताल जांच के लिए भेजा गया था। इनमें दो ने जांच करा ली। तीसरे ने नहीं कराई। इसे पुन: मंगलवार को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। इसके अलावा सीमावर्ती मध्य प्रदेश के 22 मजदूरों को अभी क्वारंटीन में रखा गया है।
क्वारंटीन मजदूरों को प्रमाणपत्र सौंपे
बांदा। राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने सोमवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जसपुरा क्वारंटीन सेंटर में मजदूरों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया कोविड-19 स्वास्थ्य प्रमाणपत्र सौंपा और मॉस्क भी दिया।
यहां 28 मजदूर थे। इन्हें प्रशासन ने रोडवेज बसों से उनके घरों को रवाना कर दिया गया। दूसरे जिले के मजदूरों को सादी मदनपुर गांव में बनाए गए गुलशने फात्मा इंटर कालेज क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। उधर, सांसद ने एकलव्य सेवा संस्थान की प्रबंधक/सचिव शकुंतला निषाद के साथ पैलानी डेरा, झंझरी पुरवा, तनगामऊ आदि में 500 मॉस्क बांटे।
बबेरू क्षेत्र से भी मजदूरों की विदाई
बबेरू। यहां जीआईसी में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन की अवधि पूरी हो जाने पर सोमवार को 77 मजदूरों को छुट्टी दे दी गई। एसडीएम महेंद्र प्रताप ने उन्हें स्वास्थ्य प्रमाणपत्र सौंपा। रोडवेज बसों से उन्हें घरों के लिए रवाना किया गया। इनमें 7 मजदूर चित्रकूट और एक फतेहपुर का भी है।
सभी को निर्देश दिए कि सोशल डिस्टेंस और मॉस्क आदि का पालन करें। उधर, जेपी शर्मा इंटर कालेज क्वारंटीन सेंटर से भी 18 मजदूरों को प्रमाणपत्र देने के बाद घर जाने दिया गया। राजकीय बालिका इंटर कालेज, लोहरा से 11 मजदूर घरों को भेजे गए। इस अवसर पर तहसीलदार विपिन कुमार उपस्थित रहे।