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पोल्ट्री फार्म में आग से 3550 चूजे जिंदा जले
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बांदा। केंद्र सरकार के एनआरएलएम योजना के तहत पशु पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही मदर यूनिट पोल्ट्री फार्म में भीषण आग लग गई। जिससे फार्म में पल रहे 3550 चूजे (मुर्गी के बच्चे) जिंदा जल गए। पशु चिकित्सा विभाग ने उनका पोस्टमार्टम कराया है। चूजों की कीमत 78 हजार रुपये से ज्यादा बताई गई है।
घटना शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर सदर तहसील के मवई गांव की है। यहां बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत महिला समूह की मुखिया रामरती प्रजापति पोल्ट्री फार्म स्थापित किए थी। यह पशु पालन विभाग में योजना के तहत चालू कराया था। पिछले माह 21 फरवरी को पोल्ट्री फार्म में साढ़े तीन हजार चूजे डाले गए थे।
यह 28 दिन में तैयार हो जाते हैं। इसी बीच शनिवार को तड़के करीब साढ़े चार बजे पोल्ट्री फार्म में आग लग गई। फार्म का खपरैल जलकर नीचे चूजों पर आ गिरा और फार्म में पल रहे लगभग 3550 चूजे जल गए। एक चूजे की कीमत लगभग 22 रुपये बताई गई है। यह लेयर प्रजाति के थे। पोल्ट्री फार्म से अन्य लाभार्थियों को चूजे दिए जाने थे।
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पोल्ट्री फार्म संचालक और ग्रामीणों ने आग बुझाई। उधर, पशु चिकित्सा विभाग के डा. राजकुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और जलेे चूजों का पोस्टमार्टम किया। राजस्व विभाग कर्मियों ने मौके का जायजा लिया।
उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया पोल्ट्री फार्म के लाभार्थी को अग्निकांड की एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया अगली कार्रवाई अधिकारियों के निर्देश पर होगी। उधर, अग्निकांड का कारण पता नहीं चल सका।
एनआरएलएम योजना से चल रहा था पोल्ट्री फार्म
पशु चिकित्सा विभाग ने चूजों का पोस्टमार्टम कराया
अमर उजाला ब्यूरो
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घटना शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर सदर तहसील के मवई गांव की है। यहां बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत महिला समूह की मुखिया रामरती प्रजापति पोल्ट्री फार्म स्थापित किए थी। यह पशु पालन विभाग में योजना के तहत चालू कराया था। पिछले माह 21 फरवरी को पोल्ट्री फार्म में साढ़े तीन हजार चूजे डाले गए थे।
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यह 28 दिन में तैयार हो जाते हैं। इसी बीच शनिवार को तड़के करीब साढ़े चार बजे पोल्ट्री फार्म में आग लग गई। फार्म का खपरैल जलकर नीचे चूजों पर आ गिरा और फार्म में पल रहे लगभग 3550 चूजे जल गए। एक चूजे की कीमत लगभग 22 रुपये बताई गई है। यह लेयर प्रजाति के थे। पोल्ट्री फार्म से अन्य लाभार्थियों को चूजे दिए जाने थे।
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पोल्ट्री फार्म संचालक और ग्रामीणों ने आग बुझाई। उधर, पशु चिकित्सा विभाग के डा. राजकुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और जलेे चूजों का पोस्टमार्टम किया। राजस्व विभाग कर्मियों ने मौके का जायजा लिया।
उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया पोल्ट्री फार्म के लाभार्थी को अग्निकांड की एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया अगली कार्रवाई अधिकारियों के निर्देश पर होगी। उधर, अग्निकांड का कारण पता नहीं चल सका।
एनआरएलएम योजना से चल रहा था पोल्ट्री फार्म
पशु चिकित्सा विभाग ने चूजों का पोस्टमार्टम कराया
अमर उजाला ब्यूरो