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सरकारी धन दुरुपयोग पर मंडल की बड़ी पंचायतों को नोटिस
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने पर उप निदेशक ने चारों जिलों की 10-10 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी की है। बांदा में प्रधान और सचिवों से दुरुपयोग की गई धनराशि वसूली के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर छह एडीओ (पंचायत) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अन्य तीनों जिलों में प्रधान व सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उप निदेशक पंचायत दिनेश सिंह ने कहा है कि ग्राम पंचायतों व समितियों की खुली बैठक कराकर कार्य योजना और बैठक की कार्रवाई का एजेंडा पंचायत राज विभाग के साफ्टवेयर में अपलोड न कराकर ग्राम प्रधानों और सचिवों ने विपरीत कार्य किया है। 10 बड़ी ग्राम पंचायतों में प्रधान व सचिवों ने धनराशि खर्च करने में मनमानी की। बांदा में बड़ोखर खुर्द ब्लाक की तिंदवारा, महोखर, नरैनी ब्लाक की अतर्रा ग्रामीण, गुढ़ाकलां, तिंदवारी ब्लाक की खप्टिहाकलां, बबेरू ब्लाक में बबेरू ग्रामीण व मरका, हरदौली और कमासिन ब्लाक में कमासिन खुर्द तथा बिसंडा ब्लाक की कोर्रही ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी की गई थी लेकिन अभी तक कहीं से संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।
उप निदेशक ने डीपीआरओ को निर्देश दिया है कि प्रधानों के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम और सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। साथ ही वर्ष 2016-17 और 2017-18 में खर्च की गई धनराशि की प्रधानों व सचिवों से रिकवरी कराने को भी कहा है। सहायक खंड विकास अधिकारियों को भी जिम्मेदार मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उप निदेशक ने चित्रकूट और हमीरपुर के जिला पंचायत राज अधिकारियों को पत्र जारी कर 10-10 बड़ी ग्राम पंचायतों से धनराशि के दुरुपयोग मामले में प्रधान, सचिवों और एडीओ (पंचायत) से स्पष्टीकरण मांगने को कहा है। कहा है कि महोबा जिले में भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां भी डीपीआरओ के लिए पत्र जारी किया जा रहा है।
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-चारों जिलों की 10-10 बड़ी ग्राम पंचायतें कार्रवाई के घेरे में
-उप निदेशक पंचायत ने डीपीआरओ को जारी किए निर्देश
-हमीरपुर व चित्रकूट से भी मांगा स्पष्टीकरण
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने पर उप निदेशक ने चारों जिलों की 10-10 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी की है। बांदा में प्रधान और सचिवों से दुरुपयोग की गई धनराशि वसूली के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर छह एडीओ (पंचायत) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अन्य तीनों जिलों में प्रधान व सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उप निदेशक पंचायत दिनेश सिंह ने कहा है कि ग्राम पंचायतों व समितियों की खुली बैठक कराकर कार्य योजना और बैठक की कार्रवाई का एजेंडा पंचायत राज विभाग के साफ्टवेयर में अपलोड न कराकर ग्राम प्रधानों और सचिवों ने विपरीत कार्य किया है। 10 बड़ी ग्राम पंचायतों में प्रधान व सचिवों ने धनराशि खर्च करने में मनमानी की। बांदा में बड़ोखर खुर्द ब्लाक की तिंदवारा, महोखर, नरैनी ब्लाक की अतर्रा ग्रामीण, गुढ़ाकलां, तिंदवारी ब्लाक की खप्टिहाकलां, बबेरू ब्लाक में बबेरू ग्रामीण व मरका, हरदौली और कमासिन ब्लाक में कमासिन खुर्द तथा बिसंडा ब्लाक की कोर्रही ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी की गई थी लेकिन अभी तक कहीं से संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।
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उप निदेशक ने डीपीआरओ को निर्देश दिया है कि प्रधानों के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम और सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। साथ ही वर्ष 2016-17 और 2017-18 में खर्च की गई धनराशि की प्रधानों व सचिवों से रिकवरी कराने को भी कहा है। सहायक खंड विकास अधिकारियों को भी जिम्मेदार मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उप निदेशक ने चित्रकूट और हमीरपुर के जिला पंचायत राज अधिकारियों को पत्र जारी कर 10-10 बड़ी ग्राम पंचायतों से धनराशि के दुरुपयोग मामले में प्रधान, सचिवों और एडीओ (पंचायत) से स्पष्टीकरण मांगने को कहा है। कहा है कि महोबा जिले में भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां भी डीपीआरओ के लिए पत्र जारी किया जा रहा है।
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-चारों जिलों की 10-10 बड़ी ग्राम पंचायतें कार्रवाई के घेरे में
-उप निदेशक पंचायत ने डीपीआरओ को जारी किए निर्देश
-हमीरपुर व चित्रकूट से भी मांगा स्पष्टीकरण