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तहसीलदार न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। तहसील बार एसोसिएशन ने तहसीलदार न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया। अधिवक्ताओं ने मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन में राजस्व परिषद अथवा विजिलेंस से जांच की मांग की। चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने तक बहिष्कार जारी रहेगा।
एसोसिएशन अध्यक्ष मैकूलाल प्रजापति की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार का निर्णय लिया। गुरुवार को एसडीएम को दिए ज्ञापन में प्रत्येक मुकदमें में रिश्वत मांगने, न्यायिक प्रक्रिया में खिलवाड़ आदि के आरोप लगाकर विरोध जताया।
आरोपों की जांच उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद या विजिलेंस से कराने की मांग की। चेतावनी दी कि वादकारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ज्ञापन देने वालों में महासचिव दिनेशदत्त चतुर्वेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयगोपाल गुप्ता, समरेंद्र कुमार शर्मा, महेंद्र सिंह यादव, होरीलाल कुशवाहा, गणेशचंद्र प्रजापति, गिरीशचंद्र श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार पाल, शिवकुमार सिंह, शिवपूजन वर्मा, रमेश सिंह पवार, रामखेलावन प्रजापति, वेदपाल यादव, दीपक कुमार पाल, राजेश राजपूत, अशोक कुमार मिश्रा आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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बांदा। तहसील बार एसोसिएशन ने तहसीलदार न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया। अधिवक्ताओं ने मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन में राजस्व परिषद अथवा विजिलेंस से जांच की मांग की। चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने तक बहिष्कार जारी रहेगा।
एसोसिएशन अध्यक्ष मैकूलाल प्रजापति की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार का निर्णय लिया। गुरुवार को एसडीएम को दिए ज्ञापन में प्रत्येक मुकदमें में रिश्वत मांगने, न्यायिक प्रक्रिया में खिलवाड़ आदि के आरोप लगाकर विरोध जताया।
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आरोपों की जांच उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद या विजिलेंस से कराने की मांग की। चेतावनी दी कि वादकारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ज्ञापन देने वालों में महासचिव दिनेशदत्त चतुर्वेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयगोपाल गुप्ता, समरेंद्र कुमार शर्मा, महेंद्र सिंह यादव, होरीलाल कुशवाहा, गणेशचंद्र प्रजापति, गिरीशचंद्र श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार पाल, शिवकुमार सिंह, शिवपूजन वर्मा, रमेश सिंह पवार, रामखेलावन प्रजापति, वेदपाल यादव, दीपक कुमार पाल, राजेश राजपूत, अशोक कुमार मिश्रा आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।