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आसरा योजना में 382 आवेदकों का टूटा आसरा

Thu, 31 Aug 2017 11:44 PM IST
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:44 PM IST
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आसरा योजना में 382 आवेदकों का टूटा आसरा
बांदा। आसरा आवास योजना में 698 गरीबों ने आवेदन किया। 79 आवेदन अधूरे मिले। 619 की जांच हुई। 382 आवेदकों को अपात्र घोषित कर दिया गया। जिन्हें अपात्र बता दिया गया उनमें तमाम गरीब व आवासहीन महिलाएं भी शामिल हैं। उनकी शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। यह दोबारा जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।
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कांशीराम आवास योजना की तर्ज पर तत्कालीन सपा सरकार ने वर्ष 2015-16 में 15 करोड़ की लागत से आसरा आवास योजना शुरू की थी। पहली किश्त में साढ़े 8 करोड़ रुपये शासन से मिले। इसके बाद प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद बजट पर ब्रेक लग गया। साढ़े 8 करोड़ रुपये में ही आवास तैयार कराने के निर्देश मिले। इस धनराशि से कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम सी एंड डीएस ने 144 आवास तैयार किए हैं।
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24 निर्माणाधीन हैं। 340 आवास का बजट स्वीकृत हुआ था। जिला नगरीय विकास अभिकरण ने पात्रता का मानक तय कर गरीबों से आवेदन मांगे। इसके लिए 698 ऑनलाइन आवेदन आए। इनमें 79 आवेदन अधूरे होने के कारण निरस्त हो गए। 619 आवेदनों की तहसील स्तर पर लेखपाल व कानूनगो से जांच कराई गई। इसमें 382 लोग जांच में अपात्र ठहरा दिए गए।
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237 को पात्रता सूची में शामिल किया गया है। अपात्रों से आपत्तियां मांगी गईं थीं। 200 लोगों ने आपत्तियां दीं। आजाद नगर की माया देवी, शंकर नगर के हरीशंकर पुत्र मन्नू ने कहा कि जांच के समय मजदूरी करने चला गया था। इसलिए अपात्र कर दिया गया। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने उप जिलाधिकारी सदर सुरेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में तहसीलदार व नायब तहसीलदार और कानूनगो की टीम बनाई है। आदेश दिए गए हैं कि विधवा, विकलांग व बेसहारा को वरीयता दी जाए।


डूडा के उप परियोजना अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि पात्रता की जांच डीएम के आदेश पर तहसील से कराई गई थी। जो विधवा, बेसहारा व विकलांग अपात्र हो गए हैं, उनकी फिर से जांच कराई जा रही है। आवास कम हैं और पात्र आवेदक ज्यादा हैं। ऐसे में पात्रता होते हुए भी छंटनी करनी पड़ रही है। फिर भी प्रयास है कि जरूरतमंदों को योजना का हर हाल में लाभ मिले।

-जांच में घोषित कर दिया गया पात्रों को भी अपात्र
-शिकायत पर डीएम ने गठित की जांच समिति
-698 आवेदन, 619 की हुई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
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