{"_id":"59665b6b4f1c1b6e348b4730","slug":"31499880299-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों में नहीं बढ़ेंगी खेत और आवासीय जमीनों की दरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों में नहीं बढ़ेंगी खेत और आवासीय जमीनों की दरें
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। साल-दर-साल सूखा और दैवी आपदाओं के चलते ग्रामीणों का खेती किसानी से मोहभंग हो रहा है। इसके चलते गांवों में जमीनों की दरें घट रही हैं। राजस्व विभाग ने इसी स्थिति के मद्देनजर अगले साल के लिए निर्धारित सर्किल दरों/स्टांप ड्यूटी में सदर तहसील के अधिकांश गांवों की दरें नहीं बढ़ाई हैं।
एक अगस्त से वर्ष 2017-18 के लिए वार्षिक सर्किल दरें लागू हो रही हैं। राजस्व विभाग ने शहर और गांवों की जमीनों की दरें तय कर दी हैं। हालांकि अभी आपत्तियां भी मांगी गई हैं। शहर की जमीनों की दरें तो बढ़ाई गई हैं, लेकिन गांवों में ज्यादातर दरें ज्यों की त्यों हैं।
सदर तहसील के अछरौड़, अतरहट, अदरी, अमचौली, अमरइया, अमलोर, अमारा, अरबई, अरसौड़ा, अलोना, इछावर, इटवां, कुकुवा खास, कुकुवा पाह, कुम्हौली, कुरसेजा, कुरौली, कुलकुम्हारी, कुंवरपुर, कठसेमर, कतरावल, कंसमरी, कमनौड़ी, करछा, करबई, करइहा, कल्यानपुर, कानाखेड़ा, खजुरी, खप्टिहा खुर्द बांगर, खैरई, खैराडा, खौड़ा, गजनी, गड़रिया, गड़ौला, गंछा, गरौंती, गलौली, गुगौली, गाजीपुर, गोखरही, गोधनी, गोयरा मुगली, गोहरवा, गौरा, गौरी खुर्द, गौरी कलां, भूरा, चिल्ली, चिलेहटा, चकचटगन, चक भरखरी, चटगन, चंदवारा, चमरहा, छिरहुंटा, छेहरांव, छनेहरा लालपुर, छापर, जरिया, जसईपुर, जारी, जौरही, जौहरपुर, जमुवा, झंझरी, टोलिया, डिघवट, डिंगवाही, डांड़ा मऊ, तिलेहटा, तनगामऊ, तारा, दतरौली, ददरिया, दोहतरा, दोहा, धौंसड़, निवाइच, नरजिता, नरौली, नरी, नांदा देव, नरायण, पिपरगवां, पिपरहरी, पिपरोदर, पिपरी, पचकौरी, पचनेही, पचुल्ला, पड़ुई, पड़ेरी, पड़ोहरा, पथरी, पदारथपुर, परसौड़ा, पलरा, फतपुरवा, ब्योंजा, बिछवाही, बिजुरी, बिलबई, बिसंडा खुर्द, बक्छा, बछेउरा, पड़ेहरा, बड़ेहा, बड़ागांव, बरेठी, बरेहटा, बरगहनी, बुधेड़ा, बहुंडरी, बहादुरपुर, बसधरी, बसहरी, बेंदा, बहिंगा, बांधा पुरवा, बंबिया, भिड़ौरा, भड़ौली, भरखरी, भवानीपुर, भुजरख, भुजौली, भाथा, मड़ौली कलां, मरका, मरझा, मवई, महुई, महेदू, महबरा, महाराजपुर, माचा, माटा, मौदहा, रेउना, रिवई, रेहुंटा, रामपुर, ललौली, लुकतरा, लसड़ा, लौमर, लोहरा, सिकुवा, सिकहुला, सिधौली, सिलेहटा, सुरौली, सहूरपुर, सैमरा, सैमरी, सांड़ी, सादीमदनपुर, सहिंंगा, सुनरही, सोनामऊ, सिंहपुर, सोहाना, सिंधनखुर्द, सिंधनकलां आदि गांवों में वर्ष 2017-18 की सर्किल दर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही है। यहां पुरानी दर 900 रुपये प्रति वर्ग मीटर ही तय की गई है।
विज्ञापन
-दैवी आपदा की मार से खेतीबाड़ी से मुंह मोड़ रहे हैं किसान
-पुरानी दरें ही बरकरार, एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू
विज्ञापन
बांदा। साल-दर-साल सूखा और दैवी आपदाओं के चलते ग्रामीणों का खेती किसानी से मोहभंग हो रहा है। इसके चलते गांवों में जमीनों की दरें घट रही हैं। राजस्व विभाग ने इसी स्थिति के मद्देनजर अगले साल के लिए निर्धारित सर्किल दरों/स्टांप ड्यूटी में सदर तहसील के अधिकांश गांवों की दरें नहीं बढ़ाई हैं।
एक अगस्त से वर्ष 2017-18 के लिए वार्षिक सर्किल दरें लागू हो रही हैं। राजस्व विभाग ने शहर और गांवों की जमीनों की दरें तय कर दी हैं। हालांकि अभी आपत्तियां भी मांगी गई हैं। शहर की जमीनों की दरें तो बढ़ाई गई हैं, लेकिन गांवों में ज्यादातर दरें ज्यों की त्यों हैं।
विज्ञापन
सदर तहसील के अछरौड़, अतरहट, अदरी, अमचौली, अमरइया, अमलोर, अमारा, अरबई, अरसौड़ा, अलोना, इछावर, इटवां, कुकुवा खास, कुकुवा पाह, कुम्हौली, कुरसेजा, कुरौली, कुलकुम्हारी, कुंवरपुर, कठसेमर, कतरावल, कंसमरी, कमनौड़ी, करछा, करबई, करइहा, कल्यानपुर, कानाखेड़ा, खजुरी, खप्टिहा खुर्द बांगर, खैरई, खैराडा, खौड़ा, गजनी, गड़रिया, गड़ौला, गंछा, गरौंती, गलौली, गुगौली, गाजीपुर, गोखरही, गोधनी, गोयरा मुगली, गोहरवा, गौरा, गौरी खुर्द, गौरी कलां, भूरा, चिल्ली, चिलेहटा, चकचटगन, चक भरखरी, चटगन, चंदवारा, चमरहा, छिरहुंटा, छेहरांव, छनेहरा लालपुर, छापर, जरिया, जसईपुर, जारी, जौरही, जौहरपुर, जमुवा, झंझरी, टोलिया, डिघवट, डिंगवाही, डांड़ा मऊ, तिलेहटा, तनगामऊ, तारा, दतरौली, ददरिया, दोहतरा, दोहा, धौंसड़, निवाइच, नरजिता, नरौली, नरी, नांदा देव, नरायण, पिपरगवां, पिपरहरी, पिपरोदर, पिपरी, पचकौरी, पचनेही, पचुल्ला, पड़ुई, पड़ेरी, पड़ोहरा, पथरी, पदारथपुर, परसौड़ा, पलरा, फतपुरवा, ब्योंजा, बिछवाही, बिजुरी, बिलबई, बिसंडा खुर्द, बक्छा, बछेउरा, पड़ेहरा, बड़ेहा, बड़ागांव, बरेठी, बरेहटा, बरगहनी, बुधेड़ा, बहुंडरी, बहादुरपुर, बसधरी, बसहरी, बेंदा, बहिंगा, बांधा पुरवा, बंबिया, भिड़ौरा, भड़ौली, भरखरी, भवानीपुर, भुजरख, भुजौली, भाथा, मड़ौली कलां, मरका, मरझा, मवई, महुई, महेदू, महबरा, महाराजपुर, माचा, माटा, मौदहा, रेउना, रिवई, रेहुंटा, रामपुर, ललौली, लुकतरा, लसड़ा, लौमर, लोहरा, सिकुवा, सिकहुला, सिधौली, सिलेहटा, सुरौली, सहूरपुर, सैमरा, सैमरी, सांड़ी, सादीमदनपुर, सहिंंगा, सुनरही, सोनामऊ, सिंहपुर, सोहाना, सिंधनखुर्द, सिंधनकलां आदि गांवों में वर्ष 2017-18 की सर्किल दर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही है। यहां पुरानी दर 900 रुपये प्रति वर्ग मीटर ही तय की गई है।
विज्ञापन
-दैवी आपदा की मार से खेतीबाड़ी से मुंह मोड़ रहे हैं किसान
-पुरानी दरें ही बरकरार, एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू