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धूप और भूख-प्यास से गोशाला में 3 मवेशियों की मौत

Thu, 14 Apr 2022 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 10:51 PM IST
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3 cattle died in the cowshed due to sunlight and hunger and thirst
3 cattle died in the cowshed due to sunlight and hunger and thirst - फोटो : BANDA
अतर्रा। गोवंशों के लिए भूसा दान अभियान के बीच गोशालाओं में भूख प्यास, बीमारी, गर्मी व लू के थपेड़ों से मवेशियों की मौत हो रही है। ताजी घटना में तुर्रा गांव में स्थित अस्थायी गोशाला में दो दिन पूर्व तीन मवेशियों की मौत हो गई। इनके शव लावारिस अवस्था में पड़े रहे। पोस्टमार्टम नहीं हुआ। सोशल मीडिया में भी यह देखे गए। इस गोशाला का संचालन अतर्रा नगर पालिका परिषद करती है।
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तुर्रा स्थित अस्थायी गोशाला में आसपास के अन्ना मवेशियों को रखा गया है। यहां की देखरेख पालिका कर्मियों के जिम्मे है। आसपास के लोगों ने बताया कि तीन गोवंश की मौत हो गई। इनका पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। मवेशियों को सूखा धान का पयार खिलाया गया। गर्मी और लू में अधिकांश मवेशी खुले आसमान तले मौसम की मार झेल कर जर्जर हो रहे हैं। चारा, भूसा और पानी की जितनी व्यवस्था होनी चाहिए उतनी नहीं है। बुधवार को गोशाला में सिर्फ 75 मवेशी थे, जबकि यहां के अभिलेखों में 115 दर्ज हैं।
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उधर, नगर पालिका ईओ राम सिंह ने बताया कि गोशाला में 50 क्विंटल भूसा का स्टाक है। 267 गोवंश हैं। तीन शिफ्टों में 10 कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। सबमर्सिबल पंप से पानी की व्यवस्था है। कहा कि अलबत्ता जब कभी पंप खराब हो जाता है तो कभी समस्या हो जाती है। ईओ ने तीन मवेशियों की मौत से अनभिज्ञता जताई। कहा कि वह खुद अक्सर निरीक्षण करते हैं। गोशाला के प्रभारी लिपिक संतोष निगम हैं। उधर, उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश तिवारी ने कहा कि वह जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
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हड़हा माफी गोशाला में भी गायों की मौत
बांदा। तहसील अतर्रा के हड़हामाफी गांव की गोशाला में भी गोवंश की दुर्दशा है। इसकी शिकायत भाजपा नेता ने खुद की है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष राहुल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि अस्थायी गोशाला में पानी, भूसा की व्यवस्था नहीं है। अब तक 100 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। बीमार मवेशियों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। कई जर्जर मवेशियों को कुत्तों ने नोच डाला। आरोप लगाया कि प्रधान और सचिव कोई ध्यान नहीं दे रहे। न ही उन्हें सरकार की नीतियों की परवाह नहीं है। यहां लगभग 280 गायें हैं। अब करीब 30 बची हैं। उधर, भाजपा नेता ने डीएम को दिए पत्र में कहा है कि गोशाला की बदहाली की शिकायत करने पर उन्हें प्रधानपति द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने आदि की धमकी दी जा रही है। निष्पक्ष जांच कराई जाए। (संवाद)
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