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Banda News: भीटे की छिलाई व हल्की खुदाई में खपा दिए 28 लाख
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बांदा। छाबी तालाब के सुंदरीकरण में लापरवाही बरती जा रही है। कार्यदायी संस्था ने भीटे की छिलाई और हल्की खुदाई में 28 लाख निपटा दिए।
अमृत योजना शहरी के तहत शहर के अति प्राचीन छाबी तालाब के सुंदरीकरण को 2.84 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। तालाब के सुंदरीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएम को सौंपी है। कार्यदायी संस्था ने महज भीटों की छिलाई और हल्की खुदाई कर 28 लाख रुपये ठिकाने लगा दिया। तालाब निर्माण का कार्य बंद पड़ा है। इससे समाजसेवियों में खासा आक्रोश है।
समाजसेवी रामजी बताते हैं कि छाबी तालाब का धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है। रक्षाबंधन के समय कजली मेला लगता है। अक्टूबर माह में प्रागी तालाब रामलीला के निषादराज का मंचन भी यहीं होता है। सीएंनडीएस के अधिशासी अभियंता रंजीत सिंह का कहना है कि धन के अभाव में काम बंद चल रहा है। स्वीकृत राशि का मात्र 10 फीसदी करीब 31 लाख रुपये ही आवंटित हुआ है। बजट आने पर आगे का काम शुरू करा दिया जाएगा। (संवाद)
दो मजरों में नहीं बिछाई गई पाइप लाइन
अतर्रा। एलएनटी विभाग की लापरवाही से गांव की दलित बस्ती सहित दो मजरों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। इससे जलापूर्ति बाधित है। तहसील की ग्राम पंचायत रहूसत के मजरा तेंदुही में हर घर जल योजना के तहत एलएनटी विभाग की ओर से पाइप लाइन बिछाई जानी थी, इसमे एलएनटी कंपनी की ओर से गांव की अनुसूचित जाति की बस्ती समेत आसपास के दो मजरों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। इससे गरीब परिवार दूषित पानी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं।
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ग्राम पंचायत बंडे, दुबरी, रीगा का मजरा, ग्राम पंचायत पौंडरा में भी एलएनटी विभाग की लापरवाही से मजरे प्रभावित हैं। दलित बस्ती के ग्रामीण कुसुवा, मथुरा, होरीलाल, रामहित सहित आदि ने कहा कि बरसात के समय हैंडपंप में प्रदूषित पानी पीने से कई बार वे लोग बीमारी की चपेट में भी आ चुके हैं। प्रधान संघ जिलाध्यक्ष व प्रधान प्रतिनिधि अशोक सिंह ने बताया संबंधित विभाग सूचना के बावजूद बेपरवाह बना हुआ है। जल निगम के अवर अभियंता अमित शुक्ला ने कहा गांव के कुछ रास्तों में निजी जमीन का मामला फंसने से कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जल्द ही इसका निराकरण कराया जाएगा। (संवाद)
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अमृत योजना शहरी के तहत शहर के अति प्राचीन छाबी तालाब के सुंदरीकरण को 2.84 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। तालाब के सुंदरीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएम को सौंपी है। कार्यदायी संस्था ने महज भीटों की छिलाई और हल्की खुदाई कर 28 लाख रुपये ठिकाने लगा दिया। तालाब निर्माण का कार्य बंद पड़ा है। इससे समाजसेवियों में खासा आक्रोश है।
समाजसेवी रामजी बताते हैं कि छाबी तालाब का धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है। रक्षाबंधन के समय कजली मेला लगता है। अक्टूबर माह में प्रागी तालाब रामलीला के निषादराज का मंचन भी यहीं होता है। सीएंनडीएस के अधिशासी अभियंता रंजीत सिंह का कहना है कि धन के अभाव में काम बंद चल रहा है। स्वीकृत राशि का मात्र 10 फीसदी करीब 31 लाख रुपये ही आवंटित हुआ है। बजट आने पर आगे का काम शुरू करा दिया जाएगा। (संवाद)
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दो मजरों में नहीं बिछाई गई पाइप लाइन
अतर्रा। एलएनटी विभाग की लापरवाही से गांव की दलित बस्ती सहित दो मजरों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। इससे जलापूर्ति बाधित है। तहसील की ग्राम पंचायत रहूसत के मजरा तेंदुही में हर घर जल योजना के तहत एलएनटी विभाग की ओर से पाइप लाइन बिछाई जानी थी, इसमे एलएनटी कंपनी की ओर से गांव की अनुसूचित जाति की बस्ती समेत आसपास के दो मजरों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। इससे गरीब परिवार दूषित पानी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं।
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ग्राम पंचायत बंडे, दुबरी, रीगा का मजरा, ग्राम पंचायत पौंडरा में भी एलएनटी विभाग की लापरवाही से मजरे प्रभावित हैं। दलित बस्ती के ग्रामीण कुसुवा, मथुरा, होरीलाल, रामहित सहित आदि ने कहा कि बरसात के समय हैंडपंप में प्रदूषित पानी पीने से कई बार वे लोग बीमारी की चपेट में भी आ चुके हैं। प्रधान संघ जिलाध्यक्ष व प्रधान प्रतिनिधि अशोक सिंह ने बताया संबंधित विभाग सूचना के बावजूद बेपरवाह बना हुआ है। जल निगम के अवर अभियंता अमित शुक्ला ने कहा गांव के कुछ रास्तों में निजी जमीन का मामला फंसने से कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जल्द ही इसका निराकरण कराया जाएगा। (संवाद)