{"_id":"fc2435014a87eb06c7b26ce01829c62e","slug":"24-53-crore-for-ration-and-straw-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन और भूसा के लिए 24.53 करोड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन और भूसा के लिए 24.53 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए प्रदेश
विज्ञापन
सरकार ने 24.53 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। पिछले माह बुंदेलखंड आए प्रदेश
के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने राशि के साथ ही शासनादेश जारी किया है। यह पैसा
सूखा प्रभावित परिवारों को राशन और पशुओं के चारे पर खर्च होगा।
मुख्य सचिव 13 जनवरी को बुंदेलखंड आए थे। बांदा में एक रात्रि विश्राम भी किया था। एक फरवरी को मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर और दो अन्य जनपदों मिर्जापुर और सोनभद्र के लिए 24.53 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
दो दिन पूर्व ही यह शासनादेश मिला है। डीएम सुरेश कुमार ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को इस पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं।
शासनादेश में कहा कि दैवी आपदा से गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के जीवन निर्वाह के लिए अहेतुक सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों को यह मदद मिलेगी उनका नाम-पता आदि अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा।
शासनादेश में कहा गया है कि सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक यह पैसा लघु एवं सीमांत किसानों के पशुओं को चारा देने पर खर्च होगा। चारे के लिए कैंप लगाए जाएं। राजपत्रित अधिकारी कैंप प्रभारी होगा।
कैंप में लागबुक होगी, जिसमें किसानों द्वारा लाए गए पशुओं की संख्या, श्रेणी और किसानों के नाम इत्यादि दर्ज होंगे। डीएम इस धनराशि से चल रहे राहत कार्यों का निरीक्षण और अनुश्रवण करेंगे।
कलेक्ट्रेट के दैवी आपदा अनुभाग के प्रभारी कृपाराम भार्गव ने बताया कि इस धनराशि में लगभग 20 करोड़ रुपये सूखा पीड़ित परिवारों के राशन पर और शेष चारा-भूसा पर खर्च होंगे।
अन्ना गायों को भूख-प्यास से बचाने के लिए बड़ोखर खुर्द गांव में बनाए गए ‘काऊ गेस्ट हाउस’ में अन्ना गायों की रखवाली और आवभगत की है। प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह और पुष्पेंद्र भाई गायों की लगातार निगरानी और सेवा कर रहे हैं।
गायों के प्रति प्रेम और श्रद्धा रखने वाले दान देकर चारा-भूसा की मदद कर रहे हैं। हालांकि गो रक्षा के नाम पर आए दिन हो-हल्ला मचाने वाले संगठन इन गायों की सुध लेने नहीं आए। न ही उनके चारा-भूसा के लिए कोई मदद कराई।
स्थानीय कालू कुआं निवासी भूरा मुनीम और उनकी पत्नी विद्यावती ने ‘काऊ गेस्ट हाउस’ में पल रहीं अन्ना गायों के लिए सोमवार को 1100 रुपये दान दिया। वृद्ध दंपति ने बताया कि गोमाता को अन्न-पानी देना बड़ा पुण्य का काम है। वृद्धावस्था के चलते वे श्रम कर गायों की सेवा नहीं कर सकते, इसलिए अपनी हैसियत के मुताबिक दान दे रहे हैं।
मुख्य सचिव 13 जनवरी को बुंदेलखंड आए थे। बांदा में एक रात्रि विश्राम भी किया था। एक फरवरी को मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर और दो अन्य जनपदों मिर्जापुर और सोनभद्र के लिए 24.53 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
दो दिन पूर्व ही यह शासनादेश मिला है। डीएम सुरेश कुमार ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को इस पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं।
शासनादेश में कहा कि दैवी आपदा से गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के जीवन निर्वाह के लिए अहेतुक सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों को यह मदद मिलेगी उनका नाम-पता आदि अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा।
शासनादेश में कहा गया है कि सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक यह पैसा लघु एवं सीमांत किसानों के पशुओं को चारा देने पर खर्च होगा। चारे के लिए कैंप लगाए जाएं। राजपत्रित अधिकारी कैंप प्रभारी होगा।
कैंप में लागबुक होगी, जिसमें किसानों द्वारा लाए गए पशुओं की संख्या, श्रेणी और किसानों के नाम इत्यादि दर्ज होंगे। डीएम इस धनराशि से चल रहे राहत कार्यों का निरीक्षण और अनुश्रवण करेंगे।
कलेक्ट्रेट के दैवी आपदा अनुभाग के प्रभारी कृपाराम भार्गव ने बताया कि इस धनराशि में लगभग 20 करोड़ रुपये सूखा पीड़ित परिवारों के राशन पर और शेष चारा-भूसा पर खर्च होंगे।
अन्ना गायों को भूख-प्यास से बचाने के लिए बड़ोखर खुर्द गांव में बनाए गए ‘काऊ गेस्ट हाउस’ में अन्ना गायों की रखवाली और आवभगत की है। प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह और पुष्पेंद्र भाई गायों की लगातार निगरानी और सेवा कर रहे हैं।
गायों के प्रति प्रेम और श्रद्धा रखने वाले दान देकर चारा-भूसा की मदद कर रहे हैं। हालांकि गो रक्षा के नाम पर आए दिन हो-हल्ला मचाने वाले संगठन इन गायों की सुध लेने नहीं आए। न ही उनके चारा-भूसा के लिए कोई मदद कराई।
स्थानीय कालू कुआं निवासी भूरा मुनीम और उनकी पत्नी विद्यावती ने ‘काऊ गेस्ट हाउस’ में पल रहीं अन्ना गायों के लिए सोमवार को 1100 रुपये दान दिया। वृद्ध दंपति ने बताया कि गोमाता को अन्न-पानी देना बड़ा पुण्य का काम है। वृद्धावस्था के चलते वे श्रम कर गायों की सेवा नहीं कर सकते, इसलिए अपनी हैसियत के मुताबिक दान दे रहे हैं।