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सरकारी हैंडपंप में सबमर्सिबल लगाकर कब्जा
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:51 PM IST
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बांदा। पेयजल संकट से जूझ रहे शहर के शांति नगर (बिजली खेड़ा) में सरकारी हैंडपंप पर कब्जा कर लिया। महोबा में तैनात जिला बचत कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अपने घर के बाहर लगे सरकारी हैंडपंप पर समर्सिबल पंप लगवा लिया। नतीजे में दो साल से इस हैंडपंप से अन्य लोगों को पानी नही मिल रहा।
जल संस्थान ने कुछ हैंडपंप सड़क किनारे लगवाए और कुछ को लोगों की ड्योढ़ी और चबूतरों पर लगवा दिया। इसका फायदा उठाकर इन लोगों ने सरकारी हैंडपंपों को घेराकर अपने दायरे और कब्जे में कर लिया। अब हैंडपंप से आम लोगों को बूंद भर पानी तक नहीं मिला पा रहा।
जल संस्थान किसी पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। हैंडपंप सार्वजनिक न होकर कुछ लोगों की निजी संपत्ति बनकर रह गए हैं। मोहल्ले के संतोष कश्यप, मुन्ना, रवि, लालबाबू, संतोष प्रजापति, भइयालाल और जयकरन का कहना था कि जल संस्थान दो साल से चुप्पी साधे है।
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उधर, जल संस्थान सहायक अभियंता आरके मौर्या का कहना है कि इस बारे में किसी उपभोक्ता से उन्हें शिकायत नहीं मिली। अब सूचना मिली है तो तत्काल इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पड़ोसियों को दो वर्षों से नहीं मिल रहा पानी
शांतिनगर में सरकारी हैंडपंपों पर नाजायज कब्जे
अमर उजाला ब्यूरो
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जल संस्थान ने कुछ हैंडपंप सड़क किनारे लगवाए और कुछ को लोगों की ड्योढ़ी और चबूतरों पर लगवा दिया। इसका फायदा उठाकर इन लोगों ने सरकारी हैंडपंपों को घेराकर अपने दायरे और कब्जे में कर लिया। अब हैंडपंप से आम लोगों को बूंद भर पानी तक नहीं मिला पा रहा।
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जल संस्थान किसी पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। हैंडपंप सार्वजनिक न होकर कुछ लोगों की निजी संपत्ति बनकर रह गए हैं। मोहल्ले के संतोष कश्यप, मुन्ना, रवि, लालबाबू, संतोष प्रजापति, भइयालाल और जयकरन का कहना था कि जल संस्थान दो साल से चुप्पी साधे है।
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उधर, जल संस्थान सहायक अभियंता आरके मौर्या का कहना है कि इस बारे में किसी उपभोक्ता से उन्हें शिकायत नहीं मिली। अब सूचना मिली है तो तत्काल इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पड़ोसियों को दो वर्षों से नहीं मिल रहा पानी
शांतिनगर में सरकारी हैंडपंपों पर नाजायज कब्जे
अमर उजाला ब्यूरो